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'चार्टर में द्विपक्षीय मामले भी शामिल हों'
राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने रविवार को एक भोज में कहा कि दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन सार्क के 'चार्टर' को और व्यापक बनाने की ज़रूरत है. उनका कहना था,"हमें पुरानी कड़वाहट और तनाव को पीछे छोड़ सार्क के 'चार्टर' को व्यापक बनाना चाहिए और क्षेत्रीय स्तर पर भी द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत करनी चाहिए." उनका कहना था कि सार्क देशों का अपने लोगों के प्रति ये कर्तव्य है और ये प्रण लेना चाहिए कि उनकों निराश नहीं किया जाएगा. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने ये विचार सार्क देशों के प्रधानमंत्रियों के सम्मान में आयोजित रात्रिभोज के दौरान व्यक्त किए. उनका कहना था कि दक्षिण एशियाई क्षेत्र को अपनी समस्याओं को निडर होकर सुलझाना चाहिए और इन समस्याओं से ये कहकर दूर नहीं भागना चाहिए कि समस्याएँ हैं ही नहीं.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा, "कड़वा सच्च यही है कि जब तक सार्क देश अपने झगड़ों और तनाव का शांतिपूर्ण और न्यायपूर्ण तरीके से समाधान नहीं करते तब तक वे पूरी तरह प्रगति नहीं कर पाएँगे." उनका कहना था कि तनाव के मूल कारणों को ख़त्म करना बहुत ज़रूरी है. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने अपने भाषण के दौरान कश्मीर समस्या को कोई ज़िक्र नहीं किया. इस कार्यक्रम के दौरान भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से आमना-सामना ज़रूर हुआ लेकिन दोनो नेताओं के बीच औपचारिक बातचीत सोमवार को ही होगी. |
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