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सार्क विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन यानी दक्षेस के विदेश मंत्रियों की बैठक में क्षेत्र में ग़रीबी घटाने के मुद्दे पर बातचीत हो रही है. मंगलवार की बैठक में भाग लेने के लिए पहुँचे भारत के विदेश मंत्री नटवर सिंह की पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी से मुलाक़ात भी होनी है. इसके बाद बुधवार को भारत के विदेश मंत्री पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से भी मिलेंगे. इससे पहले भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह ने कहा, " अमन का संदेश लेकर आया हूँ. मैं पाकिस्तानी विदेश मंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ से मिलने के लिए उत्सुक हूँ." विदेश मंत्री के इस बयान को पाकिस्तान में हाथों-हाथ लिया गया और उनके सकारात्मक रूख़ की ख़बरें मंगलवार को पाकिस्तानी अख़बारों में छाई रही. प्रमुख मुद्दे समाचार एजेंसियों के अनुसार बातचीत में कश्मीरी नेताओं को विदेश जाने की अनुमति देने के मुद्दे पर बात होने की संभावना है. हालाँकि भारत का कहना है कि हुर्रियत नेताओं के साथ बातचीत दोबारा शुरू होने के बाद ही इसके अलावा पाकिस्तान भारतीय राज्य जम्मू-कश्मीर में बंदी राजनीतिक कैदियों को छुड़ाने की बात उठा सकता है जबकि भारत अपने सैनिकों को रिहा कराए जाने का मुद्दा उठाएगा. साथ ही जम्मू-कश्मीर में सैन्य क्षमता घटाने का मुद्दा भी फिर उठने की संभावना है. इससे पहले नटवर सिंह पाकिस्तान के विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी से दो बार पहले भी मिल चुके हैं. उम्मीद की जा रही है कि इस वार्ता से दोनों देशों के बीच चल रहे शांति प्रयासों को बल मिलेगा. कादम्बिनी पत्रिका के संपादक विष्णु नागर का मानना है, "समस्याऐं तो आयेंगी लेकिन भारत और पाकिस्तान दोनों इस बातचीत को आगे बढ़ाने के प्रति गंभीर हैं." लेकिन मंगलवार की वार्ता का केंद्र रहेगा सार्क देशों से संबंधित मुक्त व्यापार क्षेत्र साफ्टा, ग़रीबी उन्मूलन, निवेश और ऊर्जा जैसे अहम मसले. |
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