|
गोधरा जाँच को लेकर संसद में हंगामा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गोधरा मामले की दोबारा जाँच का मामला गुरूवार को संसद में छाया रहा. विपक्ष के विरोध के कारण दोनों सदनों में हंगामा हुआ और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. दोनों ही सदनों में दिन शुरुआत हंगामे से हुई और प्रश्नकाल भी नहीं हो सका. पहले तो लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदनों की बैठक 12 बजे तक स्थगित की गई फिर दूसरी बार दो बजे तक के लिए बैठक स्थगित हो गई. बाद में फिर हंगामा होते देख दोनों सदनों में कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई. हालाँकि लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने दोनों दलों के नेताओं से बात भी की लेकिन समझौता नहीं हो सका. जाँच की घोषणा रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने बुधवार को रेलबजट पर चर्चा के दौरान ये घोषणा की थी कि उन्होंने गोधरा में हुए रेलकांड की जाँच के आदेश दिए हैं. इस जाँच की रिपोर्ट तीन महीनों के भीतर आ जाएगी. लोकसभा में विपक्षी दल चाहता था कि पूर्व रेलमंत्री नीतीश कुमार को इस मामले में बोलने का मौक़ा दिया जाए. लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि वे नीतीश कुमार को बोलने का मौक़ा देंगे लेकिन पहले वे सदन की कार्रवाई चलने दें, लेकिन विपक्ष की मांग की थी कि पहले नीतीश कुमार को मौक़ा दिया जाए और वे अध्यक्ष के आसन के पास आकर नारेबाज़ी करने लगे. आरोप और विरोध भाजपा के प्रवक्ता विजय कुमार मलहोत्रा का कहना है कि जाँच के लिए एक आयोग का गठन किया गया है और वह अपना काम कर रहा है, ऐसे में गोधरा की एक और जाँच का आदेश देना आयोग पर शक करना है. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तापक्ष कुछ राज्यों में होने वाले चुनावों को ध्यान में रखकर काम कर रहा है. उल्लेखनीय है कि 27 फ़रवरी 2002 को गुजरात के गोधरा स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस में आग लग गई थी जिसमें 59 लोगों की मौत हो गई थी. इसी दुर्घटना के बाद गुजरात में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे थे जिसमें एक हज़ार से भी अधिक मुसलमानों की हत्या कर दी गई थी. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||