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लालू ने गोधरा की जाँच के आदेश दिए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने गोधरा कांड की उच्चस्तरीय जाँच के आदेश दे दिए हैं. रेलमंत्री ने लोकसभा में रेल बजट पर हुई चर्चा का बुधवार को जवाब देते हुए ये घोषणा की. उन्होंने कहा कि जाँच रिपोर्ट तीन महीने में आ जाएगी. लालू प्रसाद ने सदन को आश्वासन दिया कि इस घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख़्शा नहीं जाएगा. रेलमंत्री के अनुसार लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की ज़िम्मेदारी भी तय की जाएगी. लालू प्रसाद का कहना था कि पूर्व सरकार ने इस घटना की जाँच भी नहीं करवाई जिसमें 59 लोगों को ज़िंदा जला दिया गया था. रेलमंत्री ने कहा, "मुझे अफ़सोस है कि इतनी बड़ी दुर्घटना होने के बावजूद रेलवे ने अपनी ओर से जाँच कराने की कोई ज़रूरत नहीं समझी." 27 फ़रवरी 2002 को गुजरात के गोधरा रेलवे स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस की एक बोगी में आग लगने की घटना के बाद पूरे राज्य में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे थे. लालू प्रसाद के अनुसार जाँच समिति ये देखेगी कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी या किसी ज्वलनशील पदार्थ की वजह से. अपराध विज्ञान प्रयोगशाला की एक रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए लालू प्रसाद ने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त डिब्बे में ज्वलनशील पदार्थ होने की वजह से आग लगी. इस बीच मनमोहन सिंह सरकार में कथित तौर पर कुछ अपराधी मंत्रियों के शामिल होने के मुद्दे पर विपक्ष ने बुधवार को भी रेल मंत्री लालू प्रसाद का बहिष्कार किया. |
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