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मंगलवार, 29 जून, 2004 को 01:29 GMT तक के समाचार
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तमिल विद्रोही वार्ता का बहिष्कार करेंगे
अपने साथियों के साथ करुणा
करुणा ने चार महीने पहले एलटीटीई के ख़िलाफ़ विद्रोह कर अलग हो गए थे
श्रीलंका में तमिल विद्रोहियों के संगठन एलटीटीई ने कहा है कि वह श्रीलंका की सेना के साथ बातचीत का बहिष्कार करेगा.

तमिल विद्रोहियों ने कहा है कि बातचीत तब तक नहीं होगी जब तक श्रीलंका की सेना एलटीटीई के विद्रोही नेता करुणा को सुरक्षा देना बंद नहीं करती.

तमिल विद्रोहियों ने ये बात नॉर्वे के प्रतिनिधियों से बातचीत में कही है.

हाल में श्रीलंका की सरकार ने माना था कि कर्नल करुणा को भागने और एलटीटीई के ख़िलाफ़ लड़ने में देश की सेना ने उनकी मदद की थी.

लेकिन सरकार का कहना था कि सेना ने ऐसा सरकार की जानकारी के बिना किया.

श्रीलंका के सूचना मंत्री मंगला समरवीरा ने ये भी कहा था कि इस घटना की एक अनौपचारिक जाँच हो रही है और इससे शांति प्रक्रिया को नुक़सान पहुँचेगा.

 शांति वार्ता और संघर्षविराम का भविष्य हमारे हाथ में नहीं है. ये अब श्रीलंका की सेना, शांति निरीक्षकों और नॉर्वे के प्रतिनिधियों पर निर्भर करता है
एलटीटीई के राजनीतिक विभाग के नेता

इससे पहले सेना लगातार इस बात से इनकार कर रही थी.

चार महीने पहले तक एलटीटीई के नंबर दो नेता रहे कर्नल करुणा एलटीटीई से अलग हो गए थे और अब पता नहीं है कि वो कहाँ हैं.

शांति प्रक्रिया पर नज़र रखने वाली नॉर्व की टीम के हगरुप हौक्लैंड ने कहा, "हमें उम्मीद थी कि तमिल विद्रोहियों के रवैए में बदलाव आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ."

तमिल विद्रोहियों के राजनीतिक विभाग के नेता एसपी तमिलसेल्वन ने कहा, "शांति वार्ता और संघर्षविराम का भविष्य हमारे हाथ में नहीं है. ये अब श्रीलंका की सेना, शांति निरीक्षकों और नॉर्वे के प्रतिनिधियों पर निर्भर करता है."

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