| लश्कर, हिज़बुल के 20 चरमपंथी गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जम्मू-कश्मीर में पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा और हिज़बुल मुजाहिदीन के 20 चरमपंथियों को गिरफ़्तार कर उनके नेटवर्क को ख़त्म करने का दावा किया है. पुलिस का कहना है कि ये चरमपंथी 'सेव कश्मीर' के नाम से अपना संगठन चला रहे थे लेकिन उनका संबंध लश्कर और हिज़्बुल जैसे संगठन से था. इन चरमपंथियों को श्रीनगर के अलग-अलग हिस्सों से गिरफ़्तार किया गया. एक अन्य घटना में श्रीनगर के रावलपुरा इलाक़े में पुलिस ने दो पाकिस्तानी चरमपंथियों को मारने का भी दावा किया. पुलिस का कहना है कि ये भी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए थे. श्रीनगर में राज्य के पुलिस महानिदेशक गोपाल शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि गिरफ़्तार किए गए चरमपंथी कई आत्मघाती हमलों और राजनीतिक हत्याओं में शामिल थे. उन्होंने बताया कि हुर्रियत नेता मौलाना मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ के चाचा मौलवी मुश्ताक़ अहमद और पुलिस उप महानिरीक्षक अमीन भट की हत्या में भी इन्हीं चरमपंथियों का हाथ था. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पुलिस का यह भी कहना है कि ये चरमपंथी मुंबई स्टॉक एक्सचेंज पर हमला करने की योजना बना रहे थे और इनका पिछले दिनों अहमदाबाद में मारे गए चरमपंथियों से भी संबंध था. अहमदाबाद पुलिस ने पिछले दिनों यह दावा किया था कि उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या के इरादे से आए चार चरमपंथियों को मुठभेड़ में मार दिया है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||