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शास्त्री ने इस्तीफ़ा देने से इनकार किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल विष्णुकांत शास्त्री ने अपने पद से 'इस्तीफ़ा देने से इनकार' कर दिया है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के करीबी माने जाने वाले विष्णुकांत शास्त्री की नियुक्ति पिछली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के कार्यकाल में हुई थी. उनका अभी छह महीने का कार्यकाल बाक़ी है. सूत्रों ने बीबीसी को बताया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यपाल से संपर्क किया था और पूछा था कि क्या वे स्वेच्छा से अपने पद से इस्तीफ़ा देंगे? उत्तर प्रदेश राजभवन के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार राज्यपाल ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इस्तीफ़ा देने की कोई आवश्यकता नहीं समझते. ये भी जानकारी मिली है कि राज्यपाल विष्णुकांत शास्त्री ने तर्क दिया है कि पिछली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद पहले से नियुक्त राज्यपालों को हटाया नहीं गया था. साफ़ है कि इन परिस्थितियों में राज्यपाल की रणनीति यही है कि वे इस्तीफ़ा नहीं देंगे और केंद्र सरकार चाहे तो उन्हें बर्खास्त कर दे. महत्वपूर्ण है कि लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने शुक्रवार शाम को पत्रकारों से ये कहकर सावधान रहने को कहा था कि 'कोई धमाकेदार ख़बर' आ सकती है लेकिन ज़ाहिर है कि ऐसा नहीं हुआ. |
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