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कांग्रेस उम्मीदवारों के नामांकन दोबारा रद्द | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा के लिए कांग्रेस के दो उम्मीदवारों के नामांकन पत्र दोबारा जाँच के बाद एक बार फिर रद्द कर दिए गए हैं. पहली बार नामांकन पत्र रद्द होने के बाद कांग्रेस के एक प्रतिनिधि मंडल ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि उनके उम्मीदवारों के नामांकन पत्र ग़लत ढंग से रद्द किए गए हैं. इस शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने उत्तरप्रदेश के चुनाव अधिकारी को नामांकन पत्रों की दोबारा जाँच के आदेश दिए थे. दोबारा रद्द कांग्रेस के हरेंद्र अग्रवाल और मदन मोहन शुक्ला ने राज्यसभा के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए थे. चुनाव आयोग के आदेश के बाद चुनाव अधिकारी आरपी पांडेय ने दोनों उम्मीदवारों और अन्य उम्मीदवारों से बात की. इस बातचीत के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि नामांकन रद्द करने के पुराने फ़ैसले को बदलने की ज़रुरत है. चुनाव अधिकारी के अनुसार मदन मोहन शुक्ला ने अपनी शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्र नहीं दिए थे और हरेंद्र अग्रवाल ने आपराधिक मामलों से संबंधित फ़ॉर्म भरकर नहीं दिए थे. हालांकि कांग्रेस चुनाव अधिकारी के इस फ़ैसले से नाराज़ है लेकिन यदि चुनाव आयोग इसे मान लेता है तो उत्तरप्रदेश से राज्यसभा के लिए बच गए सभी 11 उम्मीदवारों का निर्विरोध चुनकर आना तय है. जो लोग वहाँ से चुनकर आने वाले हैं उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के अनिल अंबानी, अभिनेत्री जया बच्चन, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी और बसपा नेता मायावती शामिल हैं. कांग्रेस नाराज़ समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार कांग्रेस चुनाव अधिकारी के इस फ़ैसले से नाराज़ है और वह चुनाव आयोग से मांग की है वह उत्तरप्रदेश के राज्यसभा चुनाव रद्द कर दें. उत्तरप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जगदंबिका पॉल ने आरोप लगाया है कि चुनाव अधिकारी पांडे राज्य सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं. कांग्रेस के दोनों उम्मीदवारों ने चुनाव आयोग के पर्यवेक्षकों से इस बारे में लिखित शिकायत की है. |
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