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गुजरात में मोदी के ख़िलाफ़ बगावत शुरु | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में लोकसभा चुनावों के बाद गुजरात राज्य में राजनीतिक खींचतान शुरु हो गई है. सोमवार को वहाँ सत्ताधारी भाजपा के विधायकों की एक बैठक में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर सर्वसम्मति से आस्था जताने का प्रस्ताव पारित नहीं हो सका था. इसी के साथ राज्य के 127 में लगभग 60 विधायकों ने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ विद्रोह का बिगुल बजा दिया है. दूसरी ओर काँग्रेस नेता शंकर सिंह वाघेला केंद्र सरकार से गुजरात के दंगों पर श्वेतपत्र जारी करने को कह रहे हैं. समाचार है कि मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाने की माँग को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेश मेहता ने दिल्ली का रुख़ किया है. बताया गया है कि वे दिल्ली में वरिष्ठ भाजपा नेताओं से मिलेंगे. जिन विधायकों ने मुख्यमंत्री मोदी के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद की है उनमें से अधिकतर पूर्व मुख्यमंत्री केशूभाई पटेल के समर्थक बताए जाते हैं. इन विधायकों ने मोदी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. |
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