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आंध्र में काँग्रेस सरकार के लिए मुश्किलें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आंध्र प्रदेश में काँग्रेस की अगुआई वाली सरकार ने हाल ही में सत्ता संभाली है लेकिन उसकी मुश्किलें अभी से बढ़ती नज़र आ रहीं हैं. केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपने रिश्तेदारों को जगह न मिलने से नाराज़ वाईएस राजशेखर मंत्रिमंडल में शामिल दो मंत्रियों ने इस्तीफ़ा देने की धमकी दी है. इतना ही नहीं राज्य के नई मंत्री विभागों के बँटवारें से नाराज़ हैं. नाराज़गी राज्य की प्राथमिक शिक्षा मंत्री एन राज्य लक्ष्मी तो अपने पति और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एन जनार्दन रेड्डी को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल न किए जाने से इतनी नाराज़ हैं कि उन्होंने अपना इस्तीफ़ा मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी को भेज दिया है. एन राज्य लक्ष्मी नेल्लौर से विधानसभा के लिए चुनीं गईं हैं तो उनके पति जनार्दन रेड्डी विशाखापट्टनम से लोकसभा चुनाव जीते हैं. राजशेखर रेड्डी सरकार में शामिल राज्य मंत्री जी विनोद भी अपने पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जी वेंकटस्वामी को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह न दिए जाने से नाराज़ हैं. उन्होंने भी अपने पद से त्यागपत्र देने की धमकी दी है. उन्होंने कहा कि अपने पिता के लिए वे अपना मंत्री पद छोड़ने को तैयार हैं. मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी की समस्या इतनी ही नहीं है. कई मंत्री विभागों के बँटवारे से नाराज़ हैं. |
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