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शनिवार, 22 मई, 2004 को 04:12 GMT तक के समाचार
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मनमोहन का मंत्री बनने के लिए लंबी लाइन
मनमोहन सिंह
काँग्रेस अब भी सहयोगी दलों के साथ विचार-विमर्श में जुटी हुई है
राष्ट्रपति भवन ने घोषणा की है कि शनिवार की शाम को भारत के नए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शपथ लेंगे.

अभी यह तय नहीं है कि उनके साथ और कितने मंत्री शपथ लेंगे, इस बारे में भी कुछ नहीं बताया गया है कि शपथ लेने वालों में सिर्फ़ कांग्रेस के मंत्री होंगे या गठबंधन के साझीदार भी.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने संभावना व्यक्त की है कि मनमोहन सिंह अपने साथ सहयोगी दलों के एक-एक प्रतिनिधि को मंत्री पद की शपथ दिलाएँगे और बाक़ी फ़ैसला बाद में किया जाएगा.

शुक्रवार को लगातार कई स्तरों पर चली वार्ताओं के परिणाम को कांग्रेस ने सकारात्मक बताया है और पार्टी के एक वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा है कि सरकार के गठन के काम में कोई समस्या नहीं है.

 सरकार बिना किसी बाधा के बनेगी. हम एक स्थायी सरकार बनाएँगे और पाँच साल तक चलाएँगे
कपिल सिब्बल

कांग्रेस की कोशिशें उस समय कामयाब होती दिखीं जब 21 सांसदों की ताक़त के साथ ताल ठोक रहे राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव ने अपने रूख़ में नरमी के संकेत दिए.

गुरूवार को नाराज़ होकर दिल्ली से पटना चले गए लालू प्रसाद यादव 24 घंटे के भीतर दिल्ली लौट आए और अपने चिरपरिचित अंदाज़ में पत्रकारों से कहा, "मैं कोई ममता (बनर्जी) नहीं हूँ कि छोटी-छोटी बात पर रूठ जाऊँ."

इसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने पत्रकारों से कहा,"राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख के साथ सारी बातें सुलझा ली गई हैं."

कांग्रेस पार्टी के सूत्रों के हवाले से कई समाचार एजेंसियाँ कह रही हैं कि सत्ता के बँटवारे का फार्मूला तैयार हो गया है, इस फार्मूले के तहत हर पार्टी को उसके सांसदों की संख्या के अनुपात में ही मंत्री पद दिए जाएँगे.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने ख़बर दी है कि शनिवार को शपथ ग्रहण से पहले शरद पवार और मनमोहन सिंह की मुलाक़ात होनी है जिसमें उनकी पार्टी एनसीपी को दिए जाने वाले मंत्री पदों के बारे में चर्चा होगी.

कांग्रेस के साझीदार
सत्ता में सबको चाहिए अपना-अपना हिस्सा

गठबंधन के सबसे बड़े दल कांग्रेस के भीतर भी मंत्री बनने और बेहतर मंत्रालय पाने की होड़ जारी है, कांग्रेस के कोटे से कितने लोग मंत्री बनाए जाएँगे यह तय नहीं है.

दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में जिन लोगों के नाम की चर्चा चल रही है उनमें प्रमुख हैं--प्रणब मुखर्जी, गुलाम नबी आज़ाद, कमलनाथ, कपिल सिब्बल, प्रियरंजन दासमुंशी, रेणुका चौधरी, वयलार रवि, शंकर सिंह वाघेला और जनार्दन रेड्डी.

सहयोगी दलों की ओर से अधिक मंत्री पदों की माँग का सीधा असर कांग्रेस में मंत्रालय पाने के सपने देख रहे सांसदों पर पड़ेगा, अब देखना है कि मनमोहन सिंह सहयोगी दलों और अपने सांसदों, दोनों को कितना खुश कर पाते हैं.

लोक जनशक्ति पार्टी के रामविलास पासवान का कैबिनेट मंत्री बनना तय है लेकिन सारी अटकलबाज़ी इसी बात पर चल रही है कि उन्हें अपना मनपसंद रेल मंत्रालय मिलेगा या नहीं.

प्रस्ताव

शुक्रवार को ही कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष पद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के सोमनाथ चटर्जी को देने का प्रस्ताव रखा, इस प्रस्ताव पर उनकी पार्टी में विचार चल रहा है.

इसके अलावा, कांग्रेस ने साझा न्यूनतम कार्यक्रम का मसौदा तैयार करके सहयोगी दलों को भेज दिया है, इस मसौदे में कृषि, शिक्षा और ग्रामीण विकास पर ज़ोर देने की बात कही गई है.

सोलह पृष्ठों के इस दस्तावेज़ में विनिवेश और उदारीकण के मामले पर विस्तार से बात की गई है और वामपंथी पार्टियों की कई माँगों को ध्यान में रखा गया है.

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