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ब्रितानी अख़बारों में भी छायीं सोनिया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पोखरन के परमाणु धमाकों के बाद, ब्रिटेन के अख़बारों को यदि भारत से किसी ख़बर ने सही मायने में झकझोरा है तो वो है तेरह मई को घोषित चुनाव परिणामों ने. यहां के पाँच बड़े अख़बारों में से तीन ने सोनिया गांधी की जीत को पहले पन्ने पर और दो ने तीसरे पन्ने पर जगह दी है. लेकिन यहां के सबसे प्रतिष्ठित वित्तीय अख़बार फ़ाइनेंसियल टाइम्स ने तो इसे अपनी पहली ख़बर बनाई है. ख़ुशी मनाते हुए काँग्रेस कार्यकर्ताओं की बड़ी सी तस्वीर के साथ अख़बार की हेडलाइन कह रही है भारत ने भारतीय जनता पार्टी को उखाड़ फेंका. इतना ही नहीं अख़बार का एक पूरा अंतरराष्ट्रीय पन्ना भारतीय राजनीति के नाम है. एक चुभती हुई हेडलाइन है वाजपेयी के लिए---बैलगाड़ी अर्थव्यवस्था ने वाजपेयी को कुचला. डेली टेलीग्राफ़ ने पहले पन्ने के बीचो-बीच सोनिया की बड़ी सी हंसती हुई तस्वीर लगाई है और लिखा है कि भारत के शासन की बागडोर एक बार फिर एक और गांधी के हाथों में. अख़बार ने अंदर के दो पन्ने पूरी तरह से नेहरू-गांधी परिवार को समर्पित कर दिया है. दोनों पन्नों पर नेहरू, इंदिरा, सोनिया, राजीव, राहुल और प्रियंका की तस्वीरें हैं. लोकतंत्र की सराहना टाइम्स ने भी इस ख़बर को पहले पन्ने पर लिया है और अंदर का एक पूरा पन्ना भारतीय लोकतंत्र की चर्चा में लगाया है. गार्डियन ने तीसरे पन्ने पर इस ख़बर को सोनिया गांधी की बड़ी सी तस्वीर के साथ छापा है. अख़बार ने सोनिया के इटली से होने का ज़िक्र करते हुए हेडलाइन दी है---टस्कनी के छोटे शहर से निकलकर एक अरब लोगों की नेता बनीं सोनिया. अख़बार ने गांधी परिवार की तुलना अमरीका के केनेडी परिवार से की है. और साथ ही लिखा है कि ये चौंकाने वाली जीत कांग्रेस को इसलिए मिली है क्योंकि सोनिया गांधी देश के ग़रीबों को ज़्यादा रिझा पाईं. अंतरराष्ट्रीय पन्ने पर एक और आठ कॉलम की हेडलाइन में अख़बार ने सोनिया की तारीफ़ के पुल बांधते हुए लिखा है भारतीय हिंदू राष्ट्रवादियों की करारी हार. इंडीपेंडेंट ने कांग्रेस के पंजा निशान के साथ सोनिया की हंसती हुई तस्वीर छापी है और लिखा है कि गांधी वंश में फिर से जान आई—सोनिया ने दिग्गजों को परास्त किया. |
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