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सर्वेक्षणों के बाद बाज़ार में भारी गिरावट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मतदान बाद सर्वेक्षणों के आने के बाद मुंबई स्टॉक एक्सचेंज में भारी गिरावट आई है. मंगलवार को आए सर्वेक्षणों ने भविष्यवाणी की है कि भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन एनडीए को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा. भारतीय व्यापार क्षेत्र को शायद लग रहा है कि संसद के त्रिशंकु होने की हालत में आर्थिक सुधार की प्रक्रिया धीमी पड़ जाएगी. मुंबई का तीस प्रमुख शेयरों का सूचकांक सेंसेक्स मंगलवार को कारोबार शुरू होने के बाद साढ़े तीन प्रतिशत तक गिर गया. सेंसेक्स में एक दिन के कारोबार में 213 अंकों की गिरावट आई और बाज़ार 5712 के आंकड़े पर बंद हुआ. इतना ही नहीं, डॉलर के मुक़ाबले रूपए की क़ीमत में भी दस प्रतिशत की कमी आई. शेयर बाज़ार के कारोबारियों ने बताया कि सर्वेक्षणों के आने के बाद बड़े पैमाने पर शेयर बेचे गए. पहले दौर के मतदान के बाद आए सर्वेक्षणों में एनडीए को बढ़त मिलती दिखाई गई थी जिसके बाद शेयर बाज़ार में उछाल देखने को मिला था. व्यापारियों का कहना है कि त्रिशंकु संसद की आशंका से बाज़ार में घबराहट फैल गई है क्योंकि इसे आर्थिक सुधार की गति मंद पड़ने का आसार माना जाता है. एक व्यापारी सुशील चौकसी ने कहा कि 13 मई को परिणाम आने से पहले बाज़ार अभी और नीचे जा सकता है. मतदान के बाद होने वाले सर्वेक्षणों को हालांकि बहुत प्रामाणिक नहीं माना जा सकता लेकिन शेयर बाज़ार आशंका पैदा होने की हालत में इसी तरह व्यवहार करता है. |
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