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बिहार में 349 केंद्रों पर दोबारा मतदान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में चुनाव आयोग ने बिहार के 349 और झारखंड के 49 केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने का निर्देश दिया है. मणिपुर के छह और केंद्रों पर भी फिर से मतदान कराने के आदेश दिए हैं. इन मतदान केंद्रों पर हिंसा और धाँधली की शिकायत की गई थी. इन सभी केंद्रों पर शुक्रवार को दोबारा वोट डाले जाएँगे. इससे पहले चुनाव आयोग दौर के मतदान में हिंसा और धांधली की शिकायतों के बाद नौ राज्यों के 283 मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग कराने का फ़ैसला किया है. इनमें 117 मतदान केंद्र सिर्फ़ मणिपुर के हैं. जहाँ भारी हिंसा की शिकायत मिली थी. इनमें से ज़्यादातर मतदान केंद्रों पर गुरूवार को दोबारा मतदान हो रहा है. बड़ी संख्या होने के कारण मणिपुर के मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान 22, 24 और 30 अप्रैल को कराए जा रहे हैं. दूसरी बड़ी संख्या कर्नाटक की है जहाँ 70 केंद्रों पर दोबारा मतदान हो रहा है, वहाँ 15 सीटों के लिए वोटिंग हुई थी. असम में 29 मतदान केंद्रों के वोटरों को दोबारा क़तार में खड़ा होना होगा. इसके बाद नंबर है आंध्र प्रदेश का जहाँ 23 मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के बटन दोबारा दबाए जाएँगे. गुजरात में हालांकि सभी 26 सीटों के लिए मतदान हुआ था लेकिन वहाँ सिर्फ़ दो मतदान केंद्र ऐसे हैं जहाँ पुनर्मतदान हो रहा है. नक्सली हिंसा से प्रभावित छत्तीसगढ़ की कुल 11 सीटों के 21 मतदान केंद्रों पर फिर से वोटिंग हो रही है जबकि उड़ीसा में 19 मतदान केंद्रों पर. जम्मू-कश्मीर में जम्मू और बारामूला में मतदान हुआ था, बारामूला ने हिंसा की कई घटनाएँ हुईं लेकिन यहाँ सिर्फ़ एक मतदान केंद्र पर ही दोबारा वोटिंग हो रही है. मेघालय के एक मतदान केंद्र पर दोबारा वोटिंग कराने का फ़ैसला किया गया है जबकि मिज़ोरम ही एकमात्र राज्य है जहाँ किसी मतदान केंद्र पर दोबारा वोटिंग नहीं होगी. |
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