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अखिलेश दास ने नाम वापस लिया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लखनऊ संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी राम जेठमलानी के चुनाव न लड़ने की तमाम अटकलों के ख़त्म होने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी अखिलेश दास ने आज अपना नामांकन वापस ले लिया है. ग़ौरतलब है कि वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के ख़िलाफ़ कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन पत्र जमा किया था लेकिन बाद में उन्होंने नामांकन वापस लेने की घोषणा कर दी थी. इसी के चलते कांग्रेस ने अखिलेश दास को लखनऊ से अपने प्रत्याशी के रूप में उतारा था. आज जब जेठमलानी ने यह साफ़ कर दिया कि वो नामांकन वापस लेने वाले नहीं है, तो कांग्रेस के अखिलेश दास ने अपना नामांकन वापस ले लिया. जेठमलानी ने कहा, ''यह संघर्ष जारी है और पाँच मई (मतदान के दिन) तक चलेगा. उन्होंने कहा, ''अब इस संघर्ष से पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता.'' राम जेठमलानी नामांकन दाख़िल करने के बाद लंदन चले गए थे, उन्होंने कहा था कि उनके बेटे की तबीयत ख़राब होने के कारण वे चुनाव नहीं लड़ पाएँगे. इसके बाद प्रधानमंत्री वाजपेयी ने सार्वजनिक तौर पर राम जेठमलानी से अनुरोध किया था कि वे दोस्ती का ख़याल करके चुनावी मैदान से हट जाएँ. वाजपेयी के इस अनुरोध की कांग्रेस ने कड़ी आलोचना की थी और कहा था कि प्रधानमंत्री का ऐसा अनुरोध करना अशोभनीय है और भारत के राजनीतिक इतिहास में ऐसा पहले कभी किसी ने नहीं कहा. |
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