|
'नए भारत की रचना का चुनाव है' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने आने वाले लोकसभा चुनाव को 'नए भारत की रचना का चुनाव' बताया है. शुक्रवार को अमृतसर में दोनों नेताओं ने अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल के साथ एक चुनावी रैली को संबोधित किया. उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने ‘भारत उदय यात्रा’ का पहला चरण अमृतसर में समाप्त किया. वहाँ उनकी आगवानी के लिए ख़ुद प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पहुँचे. लगभग साढ़े चार हज़ार किलोमीटर की दूरी तय करके आडवाणी अमृतसर पहुँचे तो उनका स्वागत किया प्रधानमंत्री वाजपेयी ने. समय चुनाव के नज़दीक़ का हो और मंच के सामने बड़ी संख्या में लोग खड़े हों तो भला चुनाव की बात कैसे न हो. इसलिए प्रधानमंत्री वाजपेयी ये कहते-कहते भी कि वह चुनाव की बात करने नहीं आए हैं चुनाव की बातें कर ही बैठे. दोनों ही नेताओं ने इस चुनाव को ‘नए भारत’ की रचना का चुनाव बताया. गठबंधन सरकार प्रधानमंत्री वाजपेयी ने इतने समय तक चली गठबंधन सरकार के बारे में उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने भी पहले गठबंधन किए थे मगर कोई भी गठबंधन सफल नहीं रहा. उन्होंने मोरारजी देसाई, चौधरी चरण सिंह, चंद्रशेखर, एचडी देवेगौड़ा और इंदर कुमार गुजराल की सरकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे सरकारें ‘देश सेवा या कर्तव्यपालन’ की इच्छा से नहीं बनाई गई थीं बल्कि उनके पीछे कुर्सी का मसला था. इस मौक़े पर प्रधानमंत्री और उपप्रधानमंत्री दोनों ने ही एक दूसरे की जमकर तारीफ़ की. वहीं उपप्रधानमंत्री आडवाणी ने इतने लंबे समय तक गठबंधन सरकार चला लेने के लिए प्रधानमंत्री वाजपेयी की तारीफ़ की. आडवाणी ने कहा कि 1988 से 1998 तक देश ने सात प्रधानमंत्री देखे मगर उसके बाद से अब तक एक ही प्रधानमंत्री रहा है. 'आदर्श सरकार' उन्होंने वाजपेयी सरकार को एक ‘आदर्श सरकार’ का नमूना बताया.
कार्यक्रम में मौजूद शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल ने भी प्रधानमंत्री वाजपेयी की तारीफ़ के पुल बाँधते हुए कहा कि पंजाब की ख़ुशहाली और तरक़्क़ी के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने उतना किया है जितना इससे पहले की कांग्रेस सरकारें सोच भी नहीं सकीं. बादल ने देश में एक ‘ख़ुशगवार माहौल’ बनाने के लिए प्रधानमंत्री वाजपेयी की तारीफ़ की. उपप्रधानमंत्री आडवाणी की भारत उदय यात्रा कन्याकुमारी से शुरू हुई थी और लगभग साढ़े चार हज़ार किलोमीटर की यात्रा के बाद यात्रा शुक्रवार को अमृतसर पहुँची. आडवाणी की यात्रा का दूसरा चरण रामनवमी के मौक़े पर 30 मार्च से पोरबंदर से शुरू होगा. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||