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'अमरीकी निर्णय से संबंधों पर असर' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान को विशेष सैन्य दर्जा देने के अमरीकी फ़ैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारत ने कहा है कि इसका भारत-अमरीका संबंधों पर 'महत्वपूर्ण असर' पड़ेगा. भारत ने इस बात पर निराशा जताई है कि अमरीका ने अपने इस फ़ैसले के बारे में भारत को पहले सूचित नहीं किया. अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने गुरुवार को घोषणा की थी कि अमरीका पाकिस्तान को 'प्रमुख ग़ैर-नैटो सहयोगी' का दर्जा देगा. इससे पहले वे दो दिन दिल्ली में थे.
शनिवार को भारत के विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि वे अमरीका के इस फ़ैसले के विवरणों को देख रहे हैं और इस बारे में वे अमरीका के संपर्क में हैं. विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है, ''जब वे भारत में थे तो ज़्यादा जोर भारत-अमरीका के रणनीतिक साझेदारी पर था. लेकिन यह निराश करने वाली बात है कि अमरीका सरकार के निर्णय के बारे में उन्होंने कुछ नहीं कहा.'' उल्लेखनीय है कि 14 मार्च से उपमहाद्वीप के दौरे पर थे और दो दिन दिल्ली में कूटनीतिक चर्चाओं के बाद पाकिस्तान पहुँचकर 18 मार्च को उन्होंने यह घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि यह दर्जा देने के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग में बढ़ोत्तरी की जा सकेगी. संवाददाताओं का कहना है कि यह सैन्य दर्जा मिल जाने के बाद पाकिस्तान को अमरीका के सैन्य उपकरण आसानी से मिल सकेंगे. |
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