| पॉवेल ने पाकिस्तान की पीठ ठोकी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने अल क़ायदा और तालेबान के संदिग्ध लड़ाकों के ख़िलाफ़ अभियान चलाने के लिए अपने सहयोगी देश पाकिस्तान की पीठ ठोकी है. पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान सीमा के निकट वज़ीरिस्तान इलाक़े में संदिग्ध अल क़ायदा और तालेबान लड़ाकों के ख़िलाफ़ अभियान छेड़ा हुआ है. इस अभियान में मंगलवार को 24 क़बायलियों के मारे जाने की ख़बरें थीं. इस लड़ाई में पाकिस्तान के 15 सैनिक भी मारे गए. पॉवेल भारत की यात्रा करने और एक दिन के अफ़ग़ानिस्तान दौरे के बाद बुधवार को पाकिस्तान में थे. अफ़ग़ानिस्तान में उन्होंने कहा था कि अमरीका वहाँ पुनर्निर्माण और लोकतंत्र की स्थापना के लिए कटिबद्द है. पॉवेल ने काबुल में यह भी कहा था कि पाकिस्तान ने चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई में तेज़ी पकड़ ली है.
"हम इस अभियान में पाकिस्तानी सैनिकों की मौत पर दुख प्रकट करते हैं. मेरा ख़याल है कि पाकिस्तान के इरादों से साफ़ झलकता है कि अब चरमपंथी क़बायली इलाक़ों का इस्तेमाल अपनी गतिविधियों के लिए नहीं कर सकेंगे." पॉवेल गुरूवार को राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़, प्रधानमंत्री मीर ज़फ़रुल्ला ख़ाँ जमाली और विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी से मुलाक़ात करेंगे. राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने सिर्फ़ एक दिन पहले ही कहा था कि सीमावर्ती इलाक़ों में सक्रिय चरमपंथियों से छुटकारा पाया जाना चाहिए. सीमा के दूसरी तरफ़ अफ़ग़ानिस्तन के क्षेत्र में अमरीकी सैनिकों ने भी कुछ इसी तरह का अभियान चलाया हुआ है. |
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