| परमाणु तकनीक लीक होने पर चिंता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने दोहराया है कि पाकिस्तान में उस तंत्र का पूरी तरह से सफ़ाया होना चाहिए जिसके तहत परमाणु तकनीक लीक की गई है. भारत में विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा के साथ बातचीत के बाद उन्होंने ये विचार व्यक्त किए हैं. पॉवेल का कहना था कि पाकिस्तान अब अपने वैज्ञानिक डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान से मिली बहुत सारी जानकारी के बारे में अमरीका को बता रहा है. डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान ने माना था कि उन्होंने कुछ देशों को परमाणु जानकारी बेची है. पॉवेल ने भारत और पाकिस्तान के बेहतर होते संबंधों पर संतोष व्यक्त किया और साथ ही कहा कि भारतीय प्रशासित कश्मीर में 'सीमा पार करके आने वाले चरमपंथियों' की संख्या घटी है. 'आउटसोर्सिंग' विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा के साथ बातचीत में 'आउटसोर्सिंग' का मामला भी उठा. अमरीकी विदेश मंत्री ने 'आउटसोर्सिंग' को 21वीं शताब्दी की अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था सच्चाई बताया. उन्होंने कहा कि चाहे कुछ अमरीकी नौकरियाँ भारत में चली गई हैं लेकिन अमरीकियों के लिए भी भारत की ज़रूरतों के अनुसार कई सेवाएँ उपलब्ध करवाने का मौका है. भारत के विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा, "हम इस विषय पर चर्चा करते रहेंगे. हम इस विषय पर या फिर किसी अन्य मुद्दे पर दोनो देशों के बीच ग़लतफ़हमी पैदा होने नहीं देंगे." सुबह पॉवेल भारत में विपक्ष की नेता सोनिया गाँधी से मिले थे. वे प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, वित्त मंत्री जसवंत सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ब्रजेश मिश्र से भी भी मिलेंगे. भारत की यात्रा के बाद पॉवेल पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान जाएँगे. इसके बाद उनका मध्य पूर्व जाने का कार्यक्रम है. |
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