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आडवाणी की एक और रथयात्रा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी एक बार फिर रथयात्रा निकाल रहे हैं. मगर इस बार उनकी रथयात्रा 'राममंदिर' नहीं बल्कि वाजपेयी सरकार के काम से जुड़ी होगी. उनकी ये रथयात्रा लोकसभा चुनाव के अभियान का हिस्सा है जिसमें आडवाणी अपनी पार्टी की नीतियों का प्रचार करेंगे दो चरणों वाली यात्रा की शुरूआत 10 मार्च को कन्याकुमारी में होगी. दिल्ली में अपनी रथयात्रा के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए आडवाणी ने कहा,"हम लोगों को बताएँगे कि कैसे पिछले पाँच साल में स्वराज, सुराज में बदला है". दो चरण यात्रा दो चरणों में होगी. पहले चरण की शुरुआत कन्याकुमारी से होगी और इसका अंत 26 मार्च को अमृतसर में होगा. दूसरा चरण 30 मार्च को गुजरात में पोरबंदर से शुरू होगा और इसका अंत 14 अप्रैल को उड़ीसा में पुरी में होगा. 33 दिन की इस यात्रा में 8,000 किलोमीटर का सफ़र तय किया जाएगा. आडवाणी इसमें अलग-अलग राज्यों के 121 लोकसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे. तीसरी यात्रा पिछले 14 वर्षों में आडवाणी की ये इस तरह की तीसरी यात्रा होगी. 1990 में रामजन्मभूमि आँदोलन के समय उन्होंने सोमनाथ से अयोध्या की यात्रा की थी. इस यात्रा को लेकर काफ़ी सरगर्मी मची और बिहार में उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया. इसके बाद भाजपा ने वी पी सिंह की सरकार से समर्थन वापस ले लिया जिसके बाद राष्ट्रीय मोर्चा सरकार गिर गई. |
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