|
मतदाताओं तक पहुँचने की ख़ास रणनीति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में सत्ताधारी गठबंधन का नेतृत्व कर रही भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनाव अभियान में 'ई-कैम्पेन' यानि इलैक्ट्रॉनिक माध्यम के ज़रिए मतदाताओं तक पहुँचने की रणनीति बनाई है. ये रणनीति युवाओं और नए मतदाताओं तक पहुँचने के लिए तैयार की गई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रमोद महाजन के अनुसार फ़ोन, टीवी चैनलों, एफ़एम रेडियो, मोबाइल और ई-मेल के ज़रिए मतदाताओं तक पहुँचने का प्रयास किया जाएगा. प्रमोद महाजन का दावा है कि सूचना तकनीक का चुनाव प्रचार के लिए इतने बड़े पैमाने पर इस्तेमाल पहले कभी नहीं हुआ है. भाजपा का अनुमान है कि भारत के लगभग 60 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 15 करोड़ तक इन माध्यमों के ज़रिए पहुँचा जा सकता है. भाजपा का मानना है कि ऐसा करने से 120 संसदीय सीटों में चुनाव को प्रभावित किया जा सकता है. शुरुआत के तौर पर एक कॉल सेंटर स्थापित किया गया है और देश के लगभग सात करोड़ फ़ोन नंबरों की लिस्ट बनाई गई है. भाजपा की योजना है कि मतदाताओं को प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का संदेश सुनाया जाए. प्रमोद महाजन का कहना था, "हमारा मकसद है कि प्रधानमंत्री वाजपेयी का संदेश सब मतदाताओं तक पहुँच पाए." भाजपा समर्थक तो 3030 नंबर पर फ़ोन कर प्रधानमंत्री वाजपेयी की कविताएँ उन्हीं की आवाज़ में डाउनलोड भी कर पाएँगे. भाजपा के पास लगभग दो करोड़ ई-मेल एड्रेस भी हैं जिन पर भाजपा से संबंधित सूचनाएँ दी जाएँगी. चुनावी अभियान के लिए एक पोर्टल यानि व्यापक जानकारी वाली वेबसाईट - मिशन 2004 भी जल्द ही लॉंच होगी जिस पर चुनाव अभियान और घोषणापत्र संबंधित पूरी जानकारी होगी. उनका कहना था कि इसके साथ-साथ चुनाव प्रचार का आम अभियान तो चलता ही रहेगा. लेकिन उन्होंने ये स्पष्ट नहीं किया कि इस अभियान के लिए पार्टी कितना पैसा खर्च करेगी. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||