BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 29 फ़रवरी, 2004 को 08:05 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
लोकसभा चुनाव की तारीख़ों की घोषणा
चुनाव आयोग
चुनाव आयोग ने तीन राज्यों के चुनाव भी साथ में करवाने की घोषणा की है
भारत के चुनाव आयोग ने रविवार को चौदहवीं लोकसभा के लिए चुनाव तारीखों की घोषणा कर दी.

चुनाव आयोग ने कहा है कि चुनाव 20 अप्रैल से शुरु होकर 10 मई तक होंगे.

चार चरणों में होने वाले चुनावों के लिए चुनाव आयोग ने 20 अप्रैल, 26 अप्रैल, पाँच मई और 10 मई की तारीखें तय की हैं.

देश भर के 67 करोड़ 50 लाख मतदाताओं के मतों की गणना एक साथ 13 मई को होगी. आयोग का कहना है कि आंध्र प्रदेश में मतगणना एक दिन पहले करवाई जा सकती है और यह काम उसी दिन पूरा हो जाएगा.

चुनाव की तारीखें
20 अप्रैल - 16 राज्यों की 141 सीटों पर
26 अप्रैल - 11 राज्यों की 137 सीटों पर
5 मई - 7 राज्यों की 83 सीटों पर
10 मई - 16 राज्यों की 182 सीटों पर

लोकसभा के साथ ही आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उड़ीसा और सिक्किम राज्यों के विधानसभा चुनाव भी होंगे.

चुनाव आयोग ने कहा है कि चुनाव तारीख़ों की घोषणा के साथ ही देश में आचार संहिता लागू हो गई है.

उल्लेखनीय है कि केंद्र में सत्ताधारी भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय गठबंधन सरकार ने समय से पहले तेरहवीं लोकसभा भंग करके चुनाव करवाने का निर्णय लिया था.

प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी की सिफ़ारिश पर गत छह फ़रवरी को राष्ट्रपति ने तेरहवीं लोकसभा भंग कर दी थी.

चार चरणों में

गत 20 फ़रवरी को सभी राजनीतिक दलों से बातचीत के बाद चुनाव आयोग ने चुनाव की तारीख़ें तय की हैं.

अलग-अलग चरणों में चुनाव
चार चरणों में - जम्मू कश्मीर
तीन चरणों में - बिहार और उत्तर प्रदेश
दो चरणों में - आँध्र प्रदेश, असम, झारखंड, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर और उड़ीसा
एक चरण में - शेष सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में (24)

चुनाव की तारीख़ों की घोषणा करते हुए आयोग ने कहा है कि चुनाव के समय देश भर में तैनाती के लिए सुरक्षा बलों की उपलब्धता की स्थिति को देखते हुए चार चरणों में चुनाव करवाने का निर्णय लिया गया है.

चुनाव आयोग ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के चुनाव चार चरणों में होंगे जबकि उत्तर प्रदेश और लोकसभा के चुनाव तीन तीन चरणों में होंगे.

आठ राज्यों में दो चरणों में चुनाव करवाने की घोषणा की गई है.

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग और पहचान पत्र

चुनाव आयोग ने कहा है कि देश में पहली बार लोकसभा के चुनावों में पूरे देश में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा.

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन
इलेक्ट्रॉनिक मशीनों से चुनाव की गड़बड़ियाँ कम हुई हैं

आयोग का कहना है कि इस चुनाव में देश भर में 10,75,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का उपयोग किया जाएगा.

इसी तरह पहचान पत्र की अनिवार्यता इस चुनाव की दूसरी बड़ी चीज़ होगी.

आयोग ने कहा है कि लोकसभा और चारों राज्यों के चुनाव में मतदान करने के लिए पहचान पत्र आवश्यक होगा.

कहा गया है कि जिन राज्यों में मतदाताओं के पास फ़ोटो पहचान पत्र नहीं है वहाँ पहचान के लिए दूसरे दस्तावेज़ों के उपयोग के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए जाएँगे.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>