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जानलेवा हमले में मुफ़्ती बचे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय राज्य जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद पर चरमपंथियों ने जानलेवा हमला किया है. इस हमले में मुख्यमंत्री सईद को तो कोई चोट नहीं आई है लेकिन 17 साल की एक लड़की की मौत हो गई है. प्रदेश में मुख्यमंत्री पद संभालने के एक साल से अधिक के कार्यकाल में उन पर हुआ पहला जानलेवा हमला है. मुख्यमंत्री सईद शुक्रवार को श्रीनगर के पास बीरवा शहर के एक स्कूल के मैदान में आम रैली को संबोधित कर रहे थे.
बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन के अनुसार इस रैली पर राइफ़ल ग्रेनेड से हमला किया गया. पुलिस का कहना है कि दो ग्रेनेड दागे गए और ये ग्रेनेड भाषण दे रहे मुफ़्ती मोहम्मद सईद से कोई सौ गज की दूरी पर गिरे. इस हमले में 17 साल की एक लड़की की मौत हो गई है. समाचार एजेंसियों का कहना है कि इसमें चार अन्य लोग घायल भी हुए हैं. इस विस्फोट के बाद वहाँ लोगों में दहशत का माहौल था. यासीन-शब्बीर गिरफ़्तार उधर पुलिस ने कश्मीर की आज़ादी की हिमायत करने वाले जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के चेयरमैन यासीन मलिक और डेमोक्रेट फ़्रीडम पार्टी के शब्बीर अहमद शाह को गिरफ़्तार कर लिया है.
इन दोनों नेताओं ने हाल ही में भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे कथित मानवाधिकार उल्लंघन के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शन में भाग लिया था. उनके अलावा 20 और अलगाववादी कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया गया है. यासीन मलिक को संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षक के कार्यालय के पास गिरफ़्तार किया गया जहाँ वे प्रतिवेदन देने गए हुए थे. जबकि शब्बीर अहमद को तब गिरफ़्तार किया गया जब वे एक रैली को संबोधित करने जा रहे थे. उल्लेखनीय है कि पिछले महीने ही हुर्रियत कांफ़्रेस ने केंद्र सरकार के साथ बातचीत शुरु की है लेकिन सुरक्षा एजेंसियों से नाराज़ होकर उन्होंने बात आगे न करने की धमकी भी दी है. |
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