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अफ़ग़ान सीमा पर सैनिक अभियान समाप्त | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से लगने वाले इलाक़े में संदिग्ध अल क़ायदा और तालेबान के सदस्यों के ख़िलाफ़ अभियान में कम-से-कम 20 लोगों को पकड़ा गया है. पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार ये अभियान अब पूरा हो चुका है. ये अभियान दक्षिणी वज़ीरिस्तान इलाक़े में वाना में शुरू किया गया था जिसमें हेलीकॉप्टरों की भी मदद ली गई. आशंका जताई जा रही थी कि अल क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन और तालेबान प्रमुख मुल्ला उमर इसी इलाक़े में हो सकते हैं. मगर पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ रशीद अहमद ने कहा है कि पाकिस्तानी सेना को ये उम्मीद कभी नहीं थी कि लादेन और उमर वहाँ मिल सकते हैं. उन्होंने कहा, "वाना इलाक़े के पास इस अभियान का मक़सद विदेशी चरमपंथियों को बाहर निकालना था." अभियान स्थानीय लोगों ने बताया कि सवेरा होते ही इलाक़े में कम से कम 14 हेलिकॉप्टर उड़ते देखे गए. एक स्थानीय निवासी मोहम्मद तारिक़ ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "मैने सुबह क़रीब साढ़े छह बजे दो बड़े सफ़ेद हेलिकॉप्टर और 12 अन्य हेलिकॉप्टर उड़ते देखे और कुछ देर बाद दो बड़े धमाकों की आवाज़ें भी सुनीं." सैनिक उन इलाक़ों में घुस गए जहाँ संदिग्ध चरमपंथियों के होने की आशंका थी. इस इलाक़े में चौकसी बढ़ाए जाने और इस तरह के अभियान की तैयारी किए जाने की ख़बरें कई दिन से आ रही थीं लेकिन सैन्य प्रवक्ता शौक़त सुल्तान ने ऐसे किसी तरह के अभियान का खंडन किया था. पाकिस्तान आतंकवाद के ख़िलाफ़ अमरीकी लड़ाई में एक प्रमुख सहयोगी देश है और उसने अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के ख़िलाफ़ युद्ध में भी अमरीका को सहयोग दिया था. इसी इलाक़े में एक बड़ा अभियान पिछले साल अक्तूबर में भी चलाया गया था जिसमें अल क़ायदा और तालेबान के आठ संदिग्ध सदस्य मारे गए थे. |
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