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'अल क़ायदा' की हिंसा भड़काने की 'योजना' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी अधिकारियों का दावा है कि उन्हें इराक़ में शिया और सुन्नी मुसलमानों के बीच हिंसा भड़काने की एक साज़िश का पता चला है. अमरीकी अधिकारियों का दावा है कि ये योजना अल क़ायदा से संबंधित एक चरमपंथी ने बनाई थी. अमरीकियों का ये दावा एक पत्र पर आधारित है. बताया गया है कि ये पत्र जॉर्डन के एक संदिग्ध चरमपंथी अबु मुसाब अल-ज़रकवी ने लिखा था. अमरीकी अधिकारियों के अनुसार इस चरमपंथी का संबंध कट्टरपंथी इराक़ी संगठन अंसर अल-इस्लाम से भी है. इस पत्र में इराक़ से अमरीकी सेना को न निकाल पाने पर अफ़सोस ज़ाहिर किया गया है. लेकिन साथ ही इस पत्र में ऐसा सुझाव भी है कि यदि शिया और सुन्नी समुदायों के बीच झगड़े हों तो अमरीकियों को इराक़ से भगाया जा सकता है. अमरीकी सेना के ब्रिगेडियर-जनरल मार्क किम्मिट का कहना है कि इस पत्र पर भरोसा किया जा सकता है. इस समाचार कि स्वतंत्र सूत्रों से फ़िलहाल पुष्टि नहीं हुई है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसा नहीं है कि इराक़ में अमरीकी सेना के अल क़ायदा से संबंधित सभी बयानों की पुष्टि हुई हो. |
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