BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 17 फ़रवरी, 2004 को 21:26 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
श्रीलंका में मीडिया पर झगड़ा
श्रीलंका की संसद
अप्रेल मे संसदीय चुनाव होने हैं
श्रीलंका की कार्यवाहक सरकार ने कहा है कि अगर सरकारी मीडिया ने आगामी चुनावों में निष्पक्ष कवरेज नहीं दी तो उसके पत्रकारों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी.

ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा और प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता है.

देश का सूचना मंत्रालय राष्ट्रपति कुमारतुंगा ने पिछले साल नवंबर में अपने नियंत्रण में ले लिया था.

कार्यवाहक सरकार की बागडोर संभाल रहे प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे के एक प्रवक्ता ने कहा है कि सरकारी मीडिया क़ानूनों का नियमित रूप से उल्लंघन करता रहा है और संतुलित रिपोर्टिंग नहीं कर रह है.

प्रवक्ता का कहना था कि अप्रेल के चुनावों में भी अगर ऐसा ही होता है तो सरकारी मीडिया के पत्रकारों को इसके लिए निजी रूप से ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा.

अभी यह साफ़ नहीं है कि क्या कार्यवाहक सरकार को अदालत से क्या यह भरोसा मिल पाएगा कि वह सरकारी मीडिया को निष्पक्ष रहने की हिदायत जारी कर दे.

नियम तो ये है कि चुनावों के दौरान अगर सरकारी मीडिया चुनावी नियम क़ानूनों का पालन नहीं करता है तो चुनाव आयुक्त सरकारी टेलीविज़न और रेडियो का नियंत्रण अपने हाथों में ले सकता है.

लेकिन व्यावहारिक तौर पर ऐसा कम ही नज़र आता है क्योंकि चुनाव आयुक्त के पास और बहुत सी ज़िम्मेदारियाँ होत हैं.

एक अंतरराष्ट्रीय निगरानी संगठन ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल ने कहा है कि वह इस बात को लेकर चिंतित है कि पिछले वक़्त में सरकारी मीडिया का दुरुपयोग किया जाता रहा है.

श्रीलंका में इस संगठन के निदेशक ने कहा है कि चुनावों की तैयारी के माहौल में पहले से ही सरकारी मीडिया का दुरुपयोग शुरू हो गया है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>