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रेल बजट में यात्री किराया नहीं बढ़ा
रेल मंत्री नीतीश कुमार ने अंतरिम रेल बजट में न तो यात्री किराए को हाथ लगाया और न ही माल भाड़े में किसी तरह की बढ़ोत्तरी की गई. समय से पहले संभावित आम चुनाव पर नज़र रखते हुए रेल मंत्री ने वर्ष 2004-05 के लिए संसद में अंतरिम रेल बजट पेश किया. कैबिनेट छह फ़रवरी को लोकसभा भंग करने की सिफ़ारिश कर चुकी है. बजट की घोषणाओं के अनुसार 18 नई 'संपर्क क्रांति एक्सप्रेस' रेलगाड़ियाँ चलाने का प्रस्ताव रखा गया है. इसके अलावा रेल मंत्री ने 'सुदूर क्षेत्र रेल संपर्क योजना' पाँच वर्ष में पूरी करने की योजना रखी. इस योजना का लक्ष्य पिछड़े और सुदूर के क्षेत्रों को रेलमार्गों से जोड़ना है. नीतीश कुमार ने विभिन्न योजनाओं पर हो रहे काम के बारे में कहा, "जम्मू-ऊधमपुर की नई लाइन परियोजना का काम पूरा होने के क़रीब है और ये लाइन लक्ष्य से पहले ही 25 मार्ट 2004 से खोल दी जाएगी."
इनके अलावा अब मोबाइल फ़ोन के ज़रिए रेल टिकट का आरक्षण करवाया जा सकेगा. साथ ही टिकट घर बैठे मिल जाया करेगा. रेल मंत्री ने कहा, "राजधानी, शताब्दी और जनशताब्दी गाड़ियों के आधे घंटे से अधिक देर से चलने की स्थिति में इच्छुक यात्रियों को एसएमएस के ज़रिए मोबाइल फ़ोन पर सूचना मिल सकेगी." शुरुआत में ये योजना दिल्ली क्षेत्र से रवाना होने वाली गाड़ियों के लिए ही होगी. तत्काल आरक्षण योजना के केवल कुछ ही गाड़ियों में और मुख्य रूप से स्लीपर श्रेणी में होने के बारे में रेल मंत्री ने कहा कि इसे अब सभी गाड़ियों में और स्लीपर के साथ ही एसी श्रेणी में भी शुरू करने की योजना है. इस रेल बजट में यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान देने की कोशिश की गई है. इस बारे में रेल मंत्री नीतीश कुमार ने कहा, "रेल सुरक्षा बल को रेलवे एक्ट के तहत छोटे-मोटे अपराधों के मामलों में जाँच करने और अभियोजन की कार्रवाई करने की अतिरिक्त ज़िम्मेदारी भी सौंपी गई है." |
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