|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अब पाकिस्तान में भी 'बर्ड फ़्लू'
अब पाकिस्तान भी 'बर्ड फ़्लू' बीमारी की चपेट में आ गया है. अधिकारियों के अनुसार सिंध प्रांत में यह बीमारी फ़ैली है और कराची के दक्षिण तट पर बर्ड फ़्लू के वायरस से अब तक लगभग चालीस लाख मुर्गियों के मारे जाने की ख़बरें हैं. अब तक सात एशियाई देश इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं. पाकिस्तान दक्षिण एशिया का पहला देश है जहाँ इस बीमारी का पता चला है. कहा जा रहा है कि मुर्गियों के मरने का सिलसिला यूँ तो पिछले एक महीने से भी अधिक समय से चल रहा है लेकिन इसके 'बर्ड फ़्लू' होने की पुष्टि अधिकारियों ने अब जाकर की है. अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान में अब तक किसी आदमी को इस बीमारी की कोई ख़बर नहीं है. समाचार एजेंसी एपी ने सिंध प्रांत के पशुपालन मंत्री मंज़ूर पंवार के हवाले से कहा है कि प्रांत के 10 से 25 प्रतिशत मुर्गियों में यह बीमारी पाई गई है. उन्होंने कहा, ''हमने सभी पोल्ट्री फ़ार्म में वैक्सीन देने का इंतज़ाम किया है और जिस फ़ार्म में भी बर्ड फ़्लू का पता चला है वहाँ सभी मुर्गियों और चूज़ों को ख़त्म करने का आदेश दिया गया है.'' विश्व स्वास्थ्य संगठन ने विश्व समुदाय से इस बीमारी से निपटने के प्रभावी इंतज़ाम करने का अनुरोध किया है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||