|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुरुद्वारा समिति उठाएगी पगड़ी का मामला
भारत के उत्तरी राज्य पंजाब में सिखों की सबसे बड़ी धार्मिक संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने कहा है कि वह फ़्रांस सरकार से सिखों की पगड़ी पहनने के मामले पर बात करेगी. एसपीजीसी के सचिव मनजीत सिंह कलकत्ता ने बीबीसी से कहा कि समिति इस बारे में अभी किसी विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेगी. उन्होंने कहा कि फ़्रांस के अधिकारियों को यह बताने की कोशिश की जाएगी कि जबकि मुस्लिम समुदाय में हिजाब पहनना या न पहनना मर्ज़ी की बात है, सिखों का पगड़ी धारण करना अनिवार्य है. उनका कहना था कि यदि सरकार अपने आदेश पर क़ायम रही तो फ़्रांस में रह रहे लगभग पंद्रह हज़ार सिखों को या तो वहाँ से निकलना होगा या अपने धर्म का त्याग करना पड़ेगा.
मनजीत सिंह कलकत्ता ने कहा कि फ़्रांस सरकार को इस बात से कई अलग-अलग ज़रियों से अवगत कराया जा रहा है जिनमें भारत सरकार, संयुक्त राष्ट्र और वैटिकन सिटी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि लगता है ये प्रयास रंग ला रहे हैं क्योंकि फ़्रांस सरकार की तरफ़ से सकारात्मक संकेत मिले हैं. उन्होंने कहा कि सिख समुदाय फ़्रांस की जनता और वहाँ की लोकतांत्रिक प्रणाली का आदर करता है और दुनिया भर के सिखों को विश्वास है कि फ़्रांस में रह रहे उनके भाइयों को इस आदेश से अलग रखा जाएगा. लेकिन उनका यह भी कहना था कि यदि यह प्रतिबंध जारी रहा तो सिख समुदाय अपनी पहचान क़ायम रखने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||