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शांति के लिए आम सहमति हो: बेनज़ीर
बेनज़ीर भुट्टो
बेनज़ीर भुट्टो ने कहा कि शांति प्रक्रिया पर आम सहमति की ज़रूरत है

पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो का कहना है कि भारत और पाकिस्तान दोनों हुकूमतों पर जनता का दबाव है कि दोस्ती का सिलसिला शुरू किया जाए.

उनका कहना था कि अमन वक़्त की ज़रूरत है.

बीबीसी हिंदी के श्रोताओं के सवालों के जवाब के कार्यक्रम आपकी बात बीबीसी के साथ में बेनज़ीर भुट्टो ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच शांति प्रक्रिया को कामयाब बनाने के लिए पाकिस्तान में राजनीतिक आम सहमति बनाने की ज़रूरत है.

उनका कहना था कि भारत के प्रधानमंत्रियों ने पहले भी कोशिशें की थीं कि संबंध बेहतर हो जाएं.

इसके तहत बस कूटनीति और आगरा में बातचीत हुई थी लेकिन दोनों नाकामयाब रहीं.

बेनज़ीर का कहना था,"अफ़सोस है कि मीडिया और प्रबुद्ध लोगों ने इस नाकामयाबी का ज़िम्मेदार मेरे देश को ठहराया."

उनका कहना था कि पिछली घटनाओं से पाकिस्तान ने सबक़ हासिल किए होंगे.

 इतिहास पर नज़र डालें तो भारत के साथ तीन जंगें तब हुईं जब पाकिस्तान में फ़ौजी हुकूमतें थीं.

बेनज़ीर भुट्टो

'और हाल में जनरल मुशर्रफ़ ने जो कोशिशें की हैं उसके अच्छे नतीज़े निकलेंगे'.

पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री का कहना था कि इतिहास पर नज़र डालें तो भारत के साथ तीन जंगें तब हुईं जब पाकिस्तान में फ़ौजी हुकूमतें थीं.

बेनज़ीर का कहना था कि जब पाकिस्तान में असैनिक सरकारें थीं तब शिमला समझौता हुआ और भारत-पाकिस्तान के बीच संबंध बेहतर हुए.

उनका कहना था कि 1996 में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की हुकूमत को अस्थिर कर दिया गया और उसके बाद से तीन बार जंग का खतरा उत्पन्न हुआ और अमरीका, ब्रिटेन सहित अन्य देशों को हस्तक्षेप करना पड़ा.

एक सवाल के जवाब में उनका कहना था कि ये कड़वी सच्चाई है कि जब भी फ़ौजी हुकूमतें होतीं है, भारत के साथ ताल्लुक़ात बेहतर नहीं होते.

बेनज़ीर का कहना था कि वो चाहती हैं कि भारत-पाकिस्तान के बीच जो कोशिशें हो रहीं हैं वो कामयाब हों और मंज़िल तक पहुँचें.

लेकिन साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए पाकिस्तान में राजनीतिक आम सहमति बनाने की ज़रूरत है.

पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री का कहना था कि भारत और पाकिस्तान के बीच शांति प्रक्रिया को अगर प्रामाणिक बनाना है तो इसे व्यक्ति आधारित न होकर, व्यापक और संस्थागत बनाना होगा.

राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ पर एतबार करने के सवाल पर उनका कहना था कि पाकिस्तान के अंदर इस बात को लेकर आम सहमति तैयार किए जाने की ज़रूरत है.

अपनी पाकिस्तान वापसी के सवाल पर बेनज़ीर भुट्टो का कहना था," मैं मौक़े की तलाश में हूँ जब पाकिस्तान जा सकूँ."

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