|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
घंटे भर चली वाजपेयी-मुशर्रफ़ मुलाक़ात
सार्क शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री वाजपेयी और पाकिस्तानी राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की सीधी बातचीत हुई है. दोनों नेताओं ने घंटे भर बातचीत की. बाद में भारत के विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने एक संवाददाता सम्मेलन में उम्मीद जताई कि दोनों देशों के संबंध सुधरेंगे. उन्होंने कहा, "दोनों नेताओं ने हाल के दिनों में संबंध सुधारने की दिशा में हो रही कोशिशों का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी." विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की कि दोनों देशों के बीच औपचारिक बातचीत कब होगी. संयुक्त घोषणापत्र के बारे में अटकलबाज़ियों पर उन्होंने कहा कि वे किसी तरह का ग़ैरज़िम्मेदाराना बयान नहीं देना चाहते. इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता ज़फ़र अब्बास के अनुसार रविवार और सोमवार को विभिन्न स्तरों पर हुई द्विपक्षीय बातचीत से भारत-पाकिस्तान संबंधों के सामान्य होने के साफ संकेत ज़रूर मिले हैं, लेकिन अधिकारियों के अनुसार अभी औपचारिक रूप से द्विपक्षीय वार्ताएँ शुरू होने में वक़्त लग सकता है. वाजपेयी और मुशर्रफ़ की मुलाक़ात को यों तो शिष्टाचार भेंट माना जा रहा था, लेकिन दोनों नेता घंटे भर बातचीत करते रहे. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने प्रधानमंत्री वाजपेयी का अपने सरकारी आवास के गेट पर स्वागत किया. इसके बाद दोनों नेताओं की बातचीत अकेले में हुई. इस मुलाक़ात से कुछ ही देर पहले वाजपेयी ने कहा कि वे दोनों पक्षों के बीच नियमित संपर्क के पक्ष में हैं. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रुकी पड़ी शांति प्रक्रिया शीघ्र शुरू होनी चाहिए. वाजपेयी ने कहा कि गंभीर मसलों पर बातचीत से पहले दोनों देशों को एक दूसरे की कठिनाइओं को समझना चाहिए. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||