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मंगलवार, 30 दिसंबर, 2003 को 19:48 GMT तक के समाचार
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आतंकवाद के ख़िलाफ़ एकजुट होना ज़रूरी
भारत के प्रधानमंत्री वाजपेयी और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़
अनौपचारिक बातचीत की भी अटकलें हैं

भारत के विदेश सचिव शशांक ने अगले महीने होने वाले दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ यानी सार्क के शिखर सम्मेलन के ठीक पहले 'अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद' के ख़िलाफ़ लड़ने की अपील की है.

सार्क देशों के विदेश सचिवों की बैठक में भाग लेने के लिए पाकिस्तान जाते हुए उन्होंने वाघा सीमा पर पत्रकारों से बातचीत की.

उन्होंने कहा, "सार्क के सातों सदस्य देशों को मिलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष करना चाहिए."

शशांक ने ये भी कहा कि सार्क के सभी सदस्य देशों को आपस में मुक्त व्यापार और आर्थिक सहयोग की दिशा में भी काम करना चाहिए.

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पाकिस्तान को 'आतंकवाद' रोकने की दिशा में प्रभावशाली क़दम उठाने चाहिए.

शशांक ने कहा, "पूरी दुनिया सांस्कृतिक और आर्थिक सहयोग की ओर बढ़ रही है, हमें भी ऐसा ही कुछ करना चाहिए."

 पूरी दुनिया सांस्कृतिक और आर्थिक सहयोग की ओर बढ़ रही है, हमें भी ऐसा ही कुछ करना चाहिए

विदेश सचिव शशांक

जब पत्रकारों ने उनसे ये पूछा कि क्या भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय बात होने की संभावना है तो उन्होंने कहा कि अब तक ऐसी कोई योजना नहीं है.

वैसे उन्होंने दोनों देशों के नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया.

ग़ौरतलब है कि सार्क के सदस्य देशों के विदेश सचिवों के बीच जनवरी की दो और तीन तारीख़ को बातचीत होनी है.

बहरहाल तीन दिवसीय सार्क सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत चार जनवरी से पाकिस्तान में हो रही है.

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