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भारत लचीला रुख़ दिखाए : पाकिस्तान
पाकिस्तान ने भारत से लचीला रुख़ दिखाने की गुज़ारिश करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री अटल बिहारी को एक परिवक्व राजनीतिज्ञ के रूप में बर्ताव करना चाहिए. पाकिस्तान ने अटल बिहारी के उस बयान की प्रतिक्रिया में यह बात कही है जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के साथ सशर्त बातचीत की पेशकश की थी. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने मंगलवार को पुराना रुख़ दोहराते हुए ही कहा था कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय मसलों पर कोई भी बातचीत तभी की जा सकती है जब "सीमा पार से जारी आतंकवाद" को समर्थन देना बंद कर देगा.
वाजपेयी ने कहा है कि पाकिस्तान को अपनी ज़मीन पर सक्रिय 'आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों' को भी बंद कराना होगा. प्रधानमंत्री वाजपेयी दक्षिण एशियाई देशों के क्षेत्रीय संगठन 'सार्क' के अगले सप्ताह पाकिस्तान में होने वाले सम्मेलन में भाग लेने जाने वाले हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मसूद ख़ान ने कहा कि वाजपेयी को पाकिस्तान के लचीले रुख़ का जवाब लचीलेपन से ही देना चाहिए और सार्क सम्मेलन के दौरान पाकिस्तानी नेतृत्व से बात करनी चाहिए. "भारत को पाकिस्तान पर सीमा पार से आतंकवाद को समर्थन देने के आरोपों से बाज़ आना चाहिए और क्योंकि लचीलापन दोनों ही तरफ़ से दिखाया जाए तभी कोई ठोस नतीजा निकल सकता है." उन्होंने कहा कि सार्क सम्मेलन एक ऐसा ऐतिहासिक मौक़ा हो सकता है जिसका इस्तेमाल दोनों देश अपने मतभेद भुलाने के लिए कर सकते हैं.
प्रधानमंत्री वाजपेयी ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के संसदीय दल की बैठक में कहा था कि सीमा पर संघर्ष विराम की घोषणा के बाद घुसपैठियों की संख्या में भारी कमी आई है. भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि वे पाकिस्तान के साथ व्यापारिक और आर्थिक संबंध बनाने की दिशा में विचार विमर्श करेंगे. प्रधानमंत्री वाजपेयी ने ये भी कहा कि पाकिस्तान को भारत के प्रति दुश्मनी का भाव समाप्त करने की दिशा में कारगर क़दम उठाने चाहिए ताकि दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य हो सकें. |
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