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मंत्रिमंडल में जगह पाने की होड़
भारी हार के बाद मध्य प्रदेश के कांग्रेस के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार सुबह राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया. उधर, भाजपा ने घोषणा की है कि उमा भारती आठ दिसंबर की सुबह साढ़े दस बजे भोपाल के रेड परेड ग्राउंड में मुख्यमत्री की शपथ लेंगी. इससे एक दिन पहले यानी सात दिसंबर को भाजपा. विधायक दल की बैठक प्रदेश पार्टी मुख्यालय में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए होगी जिसमें उमा भारती को औपचारिक रुप से विधायक दल का नेता चुना जाएगा. प्रदेश भाजपा संगठन मंत्री कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि मंत्रियों की संख्या विधायको की संख्या का दस प्रतिशत होना चाहिए लेकिन इतनी बडी संख्या में भाजपा विधायकों के चुने जाने से उनकी अपेक्षाएँ बहुत बढ़ गई हैं. कई जगह उमा भारती बोल चुकी हैं कि "इन्हें जिताइए, मै मंत्री बनाऊँगी." अंतिम रुप से चुनाव नतीजों में प्रदेश की 230 सीटो में से भाजपा.को 173 सीटे मिली हैं. और नए विधायक अपने दल-बल सहित कल से भोपाल पहुँचने लगेंगे. भाजपा के कुछ नेताओं का कहना है कि मंत्रिमंडल बनाने में आरएसएस की भूमिका प्रमुख रहेगी क्योंकि इस विधानसभा चुनाव में उन आदिवासी जिलों से काँग्रेस का सफाया हो गया जो दशकों से उसका गढ़ माने जाते थे. इसका श्रेय पार्टी में संघ परिवार के वनवासी आश्रम और सेवा भारती को दिया जा रहा है जो पिछले कई वर्षों से आदिवासी क्षेत्रों में सक्रिय है. प्रदेश की कुल 41 आदिवासी सीटों में से 35 पर भाजपा जीती है इसके अलावा उमा भारती का अपना युवाओं का गुट है जिसे वे मंत्रिमंडल बनाने में प्राथमिकता देने की कोशिश करेंगी. इसी तरह चुनाव परिणाम में भाजपा ने प्रदेश के मालवा, बुंदेलखंड, विंध्य और महाकौशल, इन चारों क्षेत्रों में भारी बढ़त हासिल की है. इन क्षेत्रों का मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व भी जरुरी है. देखना है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व उमा भारती को मंत्रिमंडल बनाने में खुला हाथ देता है या नहीं. |
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