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राजस्थान: वसुंधरा राजे सँभालेंगी कमान
राजस्थान की जनता का फ़ैसला इलेक्ट्रॉनक वोटिंग मशीन खुलने के साथ ही सामने आ गया कि अब सरकार की कमान भारतीय जनता पार्टी की वसुंधरा राजे सिंधिया सँभालें. पार्टी ने 200 सदस्यों की विधानसभा में अब तक घोषित परिणामों में से 120 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है. वहीं सत्तारूढ़ रही कांग्रेस को सिर्फ़ 56 सीटों पर ही जीत हासिल हुई है. चौबीस सीटें अन्य दलों और निर्दलीयों के पक्ष में गईं हैं. भाजपा पहली बार राज्य में 100 का आँकड़ा पार करने में सफल हुई है. इनमें 13 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों को मिली हैं जबकि भाजपा की सहयोगी जनता दल(यूनाइटेड) को दो और भारतीय राष्ट्रीय लोकदल को चार सीटों पर जीत हासिल हुई है. पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को राज्य में 33.23 फ़ीसदी मत मिले थे जो इस बार बढ़कर 39 फ़ीसदी हो गए. वहीं पिछले बार 44 प्रतिशत मत जीतने वाली कांग्रेस लुढ़ककर 34 प्रतिशत तक जा पहुँची. दिग्गज जीते भाजपा नेता वसुंधरा राजे सिंधिया ने झालरापाटण सीट से रमा पायलट को हरा दिया है.
काँग्रेस सांसद रमा पायलट को वसुंधरा राजे सिंधिया ने 27,375 मतों से हराया. उधर राज्य के निवर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरदारपुरा की अपनी सीट बचा ली है. उन्होंने भाजपा के महेंद्र झाबक को 18,991 मतों से हराया. गहलोत ने कहा कि वह जनता का फ़ैसला स्वीकार करते हैं. राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री चुनाव हार गए हैं. नतीजे आने के साथ ही भाजपा मुख्यालय पर जश्न का माहौल हो गया और लोग ढोल-नगाड़े लेकर ख़ुशियाँ मना रहे थे. चुनाव से पहले जाट महासभा ने भी घोषणा कर दी थी कि वह भाजपा को समर्थन देगी और माना जा रहा है कि इससे समीकरण बदल गए. चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों का कहना था कि राज्य में कांग्रेस की पकड़ मज़बूत है जबकि एग्ज़िट पोल का कहना था कि राजस्थान में भाजपा आगे है. कांग्रेस ने सभी 200 सीटों पर प्रत्याशी खड़े किए थे जबकि भाजपा ने तीन सीटें सहयोगी जनता दल(यूनाइटेड) के लिए छोड़ दी थीं. |
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