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शनिवार, 22 नवंबर, 2003 को 14:15 GMT तक के समाचार
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बीजेपी ने राजस्थान में मोदी को उतारा

नरेंद्र मोदी
बीजेपी को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का सहारा

राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी चुनाव वैतरणी पार करने के लिए हिंदुत्व की ओट लेने लगी है.

इसके लिए भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को शनिवार को चुनाव प्रचार में उतार दिया.

नरेंद्र मोदी ने अपनी चुनाव सभाओं में राजस्थान को गुजरात बना देने का अर्थ अपने ढंग से समझाया.

उनके भाषण से अल्पसंख्यक समुदाय ने कड़ी प्रतिक्रिया हुई है.

नरेंद्र मोदी ने अपने प्रचार अभियान की शुरुआत मेवाड़ में भीलवाड़ा ज़िले के आसींद कस्बे से की जहाँ गुर्जर समुदाय का प्रसिद्ध सवाई भोज मंदिर है.

लगभग दो साल पहले उन्मादी भीड़ ने सवाई भोज मंदिर परिसर में स्थित एक मस्जिद को ध्वस्त कर दिया था.

निशाने

गुजरात के मुख्यमंत्री ने काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी को निशाने पर रखा.

साथ ही राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का भी मज़ाक़ उड़ाया.

 राजस्थान को गुजरात बनाना है तो सरदार पटेल के आशीर्वाद काम आते हैं, मैडम सोनिया के नहीं

नरेंद्र मोदी

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री प्रवीण तोगड़िया की गिरफ़्तारी के वक्त कहा था कि वे राजस्थान को गुजरात नहीं बनने देंगे.

लेकिन अब नरेंद्र मोदी सभाओं में इसका उत्तर दे रहे हैं.

आसींद की सभा में नरेंद्र मोदी ने अशोक गहलोत को संबोधित करते हुए कहा," अरे सुलेमान, राजस्थान को गुजरात बनाना तुम्हारे बस का नहीं है."

अशोक गहलोत पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा, "राजस्थान को गुजरात बनाना है तो सरदार पटेल के आशीर्वाद काम आते हैं, मैडम सोनिया के नहीं."

प्रतिक्रिया

श्रोताओं में से एक मानसिंह चूड़ावत का कहना था कि नरेंद्र मोदी ने संकेतों से अपनी सारी बात कह दी.

 नरेंद्र मोदी की तक़रीर में नफ़रत के भाव थे. वे धार्मिक तनाव पैदा कर मतदाताओं का ध्रुवीकरण करना चाहते हैं

दाऊद अली

यह महज संयोग नहीं है कि भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रबंधकों ने नरेंद्र मोदी की सभाओं के लिए उन स्थानों को चुना है जहाँ सांप्रदायिक तनावों का अतीत रहा है.

लेकिन भारतीय जनता पार्टी के सांसद वीपी सिंह कहते हैं," नरेंद्र मोदी की सभाओं का स्थान चुनते समय ऐसी कोई बात दिमाग़ में नहीं थी."

उनका कहना था," नरेंद्र मोदी अपने ऊपर लगे तानों का उत्तर दे रहे हैं और उनके भाषण को संदर्भ से काट कर देखना ठीक नहीं लेगा."

पर आसींद के दाऊद अली नरेंद्र मोदी के भाषण से बहुत क्षुब्ध थे.

उनका कहना था,"नरेंद्र मोदी की तक़रीर में नफ़रत के भाव थे. वे धार्मिक तनाव पैदा कर मतदाताओं का ध्रुवीकरण करना चाहते हैं."

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