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मध्य प्रदेश में विकास के मुद्दे पर ज़ोर
मध्य प्रदेश के चुनावी दंगल में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और उपप्रधानमंत्री लालाकृष्ण आडवाणी के तूफानी चुनावी दौरों मे जूदेव कांड को पूरी तरह से धोने की कोशिश की गई. वाजपेयी ने मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंध को सीधा कटघरे मे खड़ा किया, वहीं आडवाणी ने आमसभाओं में प्रदेश के विकास और केन्द्र में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार को मजबूत बनाने की अपील की. लेकिन दोनों नेताओं ने जूदेव कांड का चुनावी सभाओं मे ज़िक्र करने से भी परहेज़ किया. वाजपेयी ने जबलपुर के गेरीसन ग्राउंड पर एक सभा में राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह केंद्र से विकास योजनाओं के लिए मिलने वाले धन का उपयोग नहीं कर पा रही है. उन्होंने राज्य में महिलाऑ पर अत्याचार और बलात्कार की घटनाओं में बढ़ोत्तरी का भी आरोप लगाया. वाजपेयी ने कहा कि विकास के लिये राज्य सरकार को बदलना जरुरी है. इन्दौर की चुनावी सभा मे प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि मालवा क्षेत्र मे आतंकवाद बढ़ रहा है. आडवाणी के आरोप आडवाणी ने एक दिन में छह चुनावी सभाओं को सम्बोधित किया. उनकी आखिरी चुनावी सभा भोपाल मे मंगलवार की रात को हुई. आडवाणी ने कहा कि महिला अत्याचार की घटनाएँ मध्यप्रदेश मे और राज्यों से ज़्यादा हुई है जो चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि सालों बाद वर्तमान विधान सभा चुनाव विकास के नाम पर लड़ा जा रहा है. वाजपेयी और आडवाणी के तूफ़ानी दौरों के अलावा भाजपा ने मध्यप्रदेश के विकास के मुद्दे पर एक दृष्टिपत्र जारी किया. भाजपा की हरसंभव कोशिश है कि राज्य में चुनाव का प्रमुख मुद्दा विकास हो और जूदेव कांड को लोगों की यादाश्त से धूमिल किया जा सके. |
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