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प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे स्वदेश लौटे
श्रीलंका के प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे अमरीका की अपनी यात्रा से वापस लौट आए हैं. शुक्रवार को राजधानी कोलंबो के हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने के लिए भारी भीड़ जमा थी. इसमें उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों के अलावा सैकड़ों आम नागरिक भी शामिल थे. हवाई अड्डे पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे ने राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा पर तमिल विद्रोहियों के साथ शांति प्रक्रिया को संकट में डालने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को दुबारा पटरी पर लाना उनकी प्राथमिकता होगी और वो इसके लिए नॉर्वे और भारत से संपर्क करेंगे. इस बीच श्रीलंका में आपातस्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है. कुछ लोगों का कहना है कि आपातकाल की घोषणा वापस ले ली गई है जबकि कुछ अन्य लोगों का कहना है कि आपातस्थिति लागू ही नहीं की गई थी. संसद बहाल हो रनिल विक्रमसिंघे ने संसद को बहाल करने की माँग की और कहा कि उन्हें बहुमत हासिल है.
उन्होंने अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को शांति प्रक्रिया में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया. उनका कहना था कि अमरीकी राष्ट्रपति ने उनके नेतृत्व में पूरा भरोसा जताया है. माना जा रहा है कि मौजूदा संकट प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे के कार्यकाल की सबसे बड़ी चुनौती है. जब वे अमरीका में थे तो राष्ट्रपति कुमारतुंगा ने उनके तीन वरिष्ठ मंत्रियों को बर्ख़ास्त कर संसद भंग कर दी. इसके बाद देश में आपातकाल की घोषणा कर दी गई. राष्ट्रपति कुमारतुंगा ने अपने क़दमों को राष्ट्रीय सुरक्षा से प्रेरित बताया है. |
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