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सरकारी मीडिया पर राष्ट्रपति का नियंत्रण
श्रीलंका की राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा ने कहा है उन्होंने देशहित में सरकारी मीडिया पर नियंत्रण कर लिया है. उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री वाजपेयी से भी फ़ोन पर बात की. इस बीच श्रीलंका में राजनीतिक संकट बना हुआ है और बृहस्पतिवार को आपातकाल का पहला दिन था. श्रीलंका के मंत्रिमंडल ने फिर से संसद के गठन की माँग की है. श्रीलंका के प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे अमरीका में थे और वे शुक्रवार को देश लौट आए हैं. इससे पहले उन्होंने विश्वास व्यक्त किया था कि उनके वापस आने पर संकट समाप्त हो जाएगा. मीडिया पर नियंत्रण
राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा ने ये कहा है कि देश में आपातकाल लागू हो जाने के बाद उन्होंने सरकारी मीडिया पर नियंत्रण कर लिया है. उन्होंने ये भी कहा कि लोगों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कोई आँच नहीं आएगी बशर्ते मीडिया देश की सुरक्षा को संकट में ना डाल दे. आपातकाल की घोषणा से पहले उन्होंने देश के रक्षा, गृह और सूचना मंत्री को बर्ख़ास्त करने के बाद देश की संसद को निलंबित कर दिया था. उन्होंने कहा है कि देश की सुरक्षा के लिए ही ये फ़ैसले किए गए. वाजपेयी से बातचीत कुमारतुंगा ने गुरूवार को भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से फ़ोन पर बात कर उन्हें देश में उभरी नई स्थिति की जानकारी दी. भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री वाजपेयी ने उनसे राजनीतिक संकट के समाप्त होने औऱ तमिलों के साथ शांति प्रक्रिया के जारी रहने की उम्मीद जताई. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा,"प्रधानमंत्री ने उन्हें बताया कि भारत वहाँ हुए राजनीतिक परिवर्तनों से चिंतित है. साथ ही प्रधानमंत्री ने उनसे राजनीतिक संकट समाप्त करने का भी आग्रह किया". विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि शांति प्रक्रिया पर आँच नहीं आनी चाहिए और आपस में राजनीतिक बातचीत कर मौजूदा संकट का कोई मान्य हल निकाला जाना चाहिए. |
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