|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वृहद नगालैंड पर सहमति नहीं: वाजपेयी
प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी ने नगालैंड की राजधानी कोहिमा में कहा है कि उत्तर पूर्वी राज्यों की सीमाएँ तभी बदली जा सकती हैं जब इस बारे आम सहमति होगी. नगालैंड के अपने दौरे की समाप्ति पर पत्रकारों से बातचीत में वाजपेयी ने कहा कि अभी इस मसले पर आम सहमति नहीं हुई है इसलिए अभी उत्तर पूर्वी राज्यों की राजनीतिक सीमाएँ बदलने का प्रश्न नहीं है. प्रधानमंत्री वाजपेयी ने कहा कि पृथकतावादी नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड के मुइवा गुट के साथ बातचीत चल रही है. लेकिन उन्होंने इसकी जानकारी देने से इनकार कर दिया. विशेषज्ञों का कहना है कि प्रधानमंत्री के इस बयान से मणिपुर, असम और अरुणाचल प्रदेश के लोग कुछ आश्वस्त हुए होंगे. ये लोग वृहद नगालैंड के प्रस्ताव को लेकर खुश नहीं हैं. लेकिन इस बयान से नगा पृथकतावादी नाराज़ हो सकते हैं जो ये कहते आए हैं कि वे स्वतंत्र नगालैंड की माँग से तो पीछे हट सकते हैं लेकिन वृहद नगालैंड से नहीं. पेशकश मंगलवार को प्रधानमंत्री वाजपेयी ने नगा विद्रोहियों से हिंसा छोड़कर बातचीत के लिए आगे आने की पेशकश की थी.
उनका कहना है, "हम चाहते हैं कि सभी चरमपंथी गुट हिंसा त्याग दें और सरकार के साथ सार्थक बातचीत के लिए आगे आएँ." वाजपेयी का कहना था कि जब राज्य में शांति होगी तभी निजी निवेश आ सकेगा. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||