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युवराज चार्ल्स का भारत दौरा
युवराज चार्ल्स की ये पाँचवीं भारत यात्रा है
युवराज चार्ल्स की ये पाँचवीं भारत यात्रा है

ब्रिटेन के युवराज चार्ल्स मंगलवार को अपनी नौ दिन की भारत यात्रा पर दिल्ली पहुँच गए हैं.

अपने भारत दौरे में वह दिल्ली और मुंबई के अलावा राजस्थान जाएंगे.

प्रिंस चार्ल्स पाँचवीं बार भारत का दौरा कर रहे हैं. इससे पहले चार्ल्स 1992 में भारत आए थे.

अपने दौरे में युवराज चार्ल्स राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और उपराष्ट्रपति भैरो सिंह शेखावत से मिलेंगे.

दिल्ली में तीन दिन के दौरान वे कई स्वयंसेवी संगठनों में जाएँगे और चार दिन के लिए राजस्थान और दो दिन के लिए मुंबई भी जाएँगे.

ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त रह चुके और युवराज के दोस्त डॉक्टर लक्ष्मी मल सिंघवी ने युवराज चार्ल्स की इस यात्रा को राजनयिक दृष्टि से काफ़ी महत्त्वपूर्ण बताया.

उन्होंने कहा, "ये राजनयिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है क्योंकि ब्रिटेन के भावी सम्राट आ रहे हैं और ये उनके भारत प्रेम को दिखाता है."

यादगार दौरा


 भारत के शानदार अतीत और उसकी पुरातात्विक धरोहरों का प्रशंसक होने के नाते मैं इन धरोहरों की रक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों को महत्व देना चाहूँगा

युवराज चार्ल्स

युवराज चार्ल्स 1992 में राजकुमारी डायना के साथ भारत आए थे और दांपत्य जीवन में आई कड़वाहट इस दौरे में साफ़ नज़र आने लगी थी.

चार्ल्स ने 12 साल पहले डायना से वायदा किया था कि वे उन्हें दुनिया में प्रेम की अनोखी निशानी ताजमहल को दिखाने ले जाएँगे.

मगर डायना जब ताजमहल पहुँचीं तो उन्होंने वहाँ अकेले ही तस्वीरें खिंचवाईं थीं जबकि प्रेमी युगल ताजमहल के सामने साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए लालायित रहते हैं.

शाही परिवार के इस दंपति के उस भारत दौरे के कुछ ही महीने बाद उनके तलाक़ की घोषणा हो गई थी.

आत्मीयता

युवराज चार्ल्स ने अपने भारत दौरे से पहले कहा था कि उन्हें फिर से एक 'अदभुत' देश का दौरा करना काफ़ी अच्छा लग रहा है जिसके साथ उनकी हमेशा एक 'विशेष आत्मीयता' रही है.

ब्रिटेन के उच्चायोग ने युवराज के भारत रवाना होने से पहले एक विज्ञप्ति जारी की जिसमें युवराज ने भारत के बारे में अपने विचार व्यक्त किए हैं.

युवराज चार्ल्स ने कहा है, "भारत के शानदार अतीत और उसकी पुरातात्विक धरोहरों का प्रशंसक होने के नाते मैं इन धरोहरों की रक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों को महत्व देना चाहूँगा."

उन्होंने कहा है कि इसके साथ ही वे भारत में हो रहे नवीनतम विकास कार्यों को भी देखना चाहेंगे.

साथ ही उन्होंने कहा कि वे भारत और ब्रिटेन के आपसी रिश्तों को और मज़बूत किए जाने की संभावनाओं पर भी ध्यान देंगे.

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