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डायना पर पुस्तक: राजकुमार नाराज़, लेखक को नाज़
राजकुमारी डायना पर उनके बटलर की पुस्तक ने नए सिरे से बहस और बयानबाज़ी को जन्म दे दिया है. उस पुस्तक के अंश लंदन के एक अख़बार में छपने के बाद तूल पकड़ते मामले को देखते हुए डायना के दोनों पुत्रों राजकुमार विलियम और हैरी ने बटलर पर 'विश्वासघात' का आरोप लगाया है. राजकुमारों का कहना है कि अगर उनकी माँ राजकुमारी डायना जीवित होतीं तो पुस्तक में छपी बातों से ख़ुद को अपमानित महसूस करतीं. वहीं डायना के बटलर रह चुके और पुस्तक के लेखक पॉल बरेल ने पुस्तक को राजकुमारों की माँ को श्रद्धांजलि बताया है. उन्होंने कहा कि उन्हें इस पुस्तक पर 'काफ़ी गर्व' है. इस पुस्तक में दावा किया गया था कि मौत से लगभग 10 महीने पहले ही राजकुमारी को इस बात का आभास था कि उन्हें कार दुर्घटना में मारने की कोशिश हो सकती है. इस पर डायना के दोनों पुत्रों की ओर से बयान जारी करके कहा गया है कि इन सब पर अब रोक लगाई जाए. मगर राजकुमारों के इस बयान के बाद बरेल ने कहा कि वह राजकुमारों की इस आलोचना से दुखी है. उधर बकिंघम पैलेस में भी इस पर विचार हो रहा है कि बरेल की पुस्तक पर क्या वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है. वहीं इस सब मामले के सामने आने के बाद राजकुमारी डायना के भाई का कहना था कि उनका परिवार ये नहीं मानता कि राजकुमारी को ऐसा कोई डर था. दुखी राजकुमार राजकुमारों की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "हमें यक़ीन ही नहीं होता कि जिस पॉल पर इतना भरोसा किया जाता रहा वह इस तरह विश्वासघात कर सकता है."
उन्होंने कहा, "ये न सिर्फ़ हम दोनों के लिए काफ़ी दुखद है बल्कि इससे लगभग सभी लोग प्रभावित हुए हैं." राजकुमारों के अनुसार, "अगर हमारी माँ आज जीवित होतीं तो इससे काफ़ी अपमानित महसूस कर रही होतीं. हम ऐसा इसलिए भी कह सकते हैं कि उनकी तरफ़ से बोलने में पॉल की बजाए हम ज़्यादा सक्षम हैं." राजकुमारों की प्रवक्ता ने कहा है कि राजकुमार इस मामले का यहीं अंत चाहते हैं और इसके लिए वे बटलर से मिलकर बातचीत करने के लिए भी तैयार हैं. 'बेवजह तूल' इधर बटलर ने पुस्तक के प्रकाशक की ओर से बयान जारी करते हुए कहा कि राजकुमारों को जब पुस्तक पढ़ने का मौका मिलेगा तो वे महसूस करेंगे कि पुस्तक तो उनकी माँ को श्रद्धांजलि की तरह है. बरेल ने कहा कि उन्हें राजकुमारी डायना के कुछ 'निकटतम मित्रों' का भी समर्थन हासिल है. उन्होंने कहा, "मैं इस पुस्तक के लिए माफ़ी माँगने के लिए तैयार नहीं हूँ क्योंकि मुझे इस पर काफ़ी गर्व है और मुझे विश्वास है कि राजकुमारों को भी इस पर गर्व होगा." इस पुस्तक के अंश ब्रिटेन के डेली मिरर अख़बार में छपे थे. |
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