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सोमवार, 27 अक्तूबर, 2003 को 20:12 GMT तक के समाचार
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पाकिस्तान ठोस जवाब देगा : मसूद ख़ान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मीर ज़फ़रुल्ला ख़ान जमाली
जमाली हाल ही में विदेश दौरे से लौटे हैं

भारत ने पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने की दिशा में पिछले सप्ताह जो नई पहल की उससे पाकिस्तान ख़ासा दुविधा में नज़र रहा है.

भारत की इस पहल पर पाकिस्तान की तरफ़ से कोई ठोस प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है.

आमतौर पर ऐसे मामलों में बिना किसी देर के प्रतिक्रिया व्यक्त की जाती है.

सोमवार को पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मसूद ख़ान ने कहा है कि भारत की इस पहल का 'ठोस' और 'रचनात्मक' जवाब दिया जाएगा.

"दरअसल पाकिस्तान बहुत से वर्षों से कहता आ रहा है कि हमें एक व्यापक और रचनात्मक बातचीत करनी चाहिए जिसमें सभी मुद्दों पर बातचीत हो और किसी ठोस नतीजे की तरफ़ बढ़ा जाए."

हालाँकि उन्होंने उसी साँस में भारत की इस पहल पर निराशा भी व्यक्त कर दी और कहा कि भारत सबसे अहम मसले कश्मीर मुद्दे पर बातचीत करने से कतरा रहा है.

ग़ौरतलब है कि भारत ने पिछले सप्ताह बुधवार को पाकिस्तान के साथ खेल संबंध सुधारने और यातायात सेवाएं शुरु करने के लिए कुछ नए प्रस्ताव रखे थे.

दिल साफ़ है तो...

 अगर दिल साफ़ है, नीयत साफ़ है और लक्ष्य साफ़ है तो बहस से कोई फ़ायदा नहीं है, आगे बढ़ने की कोशिश करनी चाहिए.

जेएन दीक्षित

मसूद ख़ान ने सोमवार को इस्लामाबाद में कहा कि पाकिस्तान को इस पर निराशा हुई है कि भारत ने अपने प्रस्तावों में व्यापक और रचनात्मक बातचीत की कोई पेशकश नहीं की है जिसमें कश्मीर के मसले पर भी बातचीत हो.

इससे पहले पाकिस्तान के सूचनामंत्री शेख़ रशीद अहमद ने भारत के प्रस्तावों को सिरे से ख़ारिज करते हुए कहा था कि भारत चालाक सियासत खेल रहा है.

"बहस बेकार है"

भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध सुधारने की कोशिशों पर कुछ विश्लेषकों का मानना है कि कुछ ईमानदारी तो नज़र आती है लेकिन दोनों तरफ़ कुछ दबाव भी काम कर रहे हैं.

चेतावनी भी दे रहे हैं

 रक्षा मंत्री जॉर्ज फ़र्नांडीज़ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर इस बार पाकिस्तान ने नहीं माना तो यह आख़िरी मौक़ा होगा और उसके बाद न जाने क्या होगा.

नियाज़ नाइक

"अगर दिल साफ़ है, नीयत साफ़ है और लक्ष्य साफ़ है तो बहस से कोई फ़ायदा नहीं है, आगे बढ़ने की कोशिश करनी चाहिए."

दूसरी तरफ़ पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक नियाज़ नाइक का कहना है कि प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी शांति और स्थिरता की अपनी कोशिशों में ईमानदार तो नज़र आते हैं लेकिन उन पर बहुत से दबाव भी हैं.

"चुनाव सर पर हैं और वे चाहते हैं कि चुनावों से पहले कुछ ठोस पहल हो जाए."

नियाज़ नाइक का कहना था, "एक तरफ़ तो भारत ने यह नई पहल की है लेकिन दूसरी तरफ़ रक्षा मंत्री जॉर्ज फ़र्नांडीज़ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर इस बार पाकिस्तान ने नहीं माना तो यह आख़िरी मौक़ा होगा और उसके बाद न जाने क्या होगा."

विदेश मंत्री ख़ुर्शीद अहमद क़सूरी और सूचना मंत्री शेख़ रशीद अहमद के बयानों को नियाज़ नाइक ने उनके निजी बयान बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया संभवतः मंगलवार को देंगे.

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