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कासयानोव के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस में चुनाव अधिकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री मिखाइल कासयानोव के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है. वो मार्च 2008 में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों में प्रमुख विपक्षी उम्मीदवार थे. केंद्रीय चुनाव आयोग ने कारण बताते हुए कहा कि कासयानोव के समर्थकों की सूची में कई अमान्य हस्ताक्षर थे. रूस के नियमों के मुताबिक़ किसी भी उम्मीदवार के समर्थन में जुटाए गए हस्ताक्षरों में से पांच फ़ीसद से ज़्यादा ग़लत या जाली नहीं होने चाहिए. चुनाव अधिकारियों के अनुसार कासयानोव के मामले में 13.36 प्रतिशत हस्ताक्षर निरस्त किए गए है. कासयानोव एक समय राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की सरकार में प्रधानमंत्री रहे हैं लेकिन अब वो रूसी नेताओं के प्रबल आलोचक बन गए हैं. पुतिन ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में मेदवेदेव को चुना है जिनके मार्च में होने वाले चुनावों में जीतने की उम्मीद की जा रही है. फ़िलहाल मेदवेदेव के आलांवा तीन और उम्मीदवार गेन्नादी ज़्यूगानोफ़, व्लादिमिर झिरिनोवस्की और एंड्रे बोग्डानोव चुनावी मैदान में हैं. गैस कंपनी गैज़प्रोम के अध्यक्ष दमित्री मेदवेदेव हाल में हुए चुनाव सर्वेक्षणों में सबसे आगे चल रहे हैं. कासियानोव को एक प्रतिशत वोट मिले हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें पुतिन के विरोधी नेता की जाँच22 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना मेदवेदेव बन सकते हैं रूस के राष्ट्रपति10 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना रूस के 'चुनाव निष्पक्ष नहीं'03 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना रूस में नई संसद के लिए मतदान शुरु01 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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