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'परमाणु परीक्षण किए तो समझौता रद्द' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका का कहना है कि अगर भारत ने अब परमाणु परीक्षण किए तो दोनों देशों के बीच हुए असैन्य परमाणु समझौते को रद्द कर दिया जाएगा. अमरीकी विदेश मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देश परमाणु समझौते की व्याख्या को लेकर अलग-अलग बयान दे रहे हैं. हाल ही में इस समझौते को लागू करने वाली 123 सहमति भी हो गई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सीन मैककॉरमैक ने कहा "123 समझौते में ये प्रावधान है कि अगर भारत परमाणु परीक्षण करता है तो वो सभी सहयोग रद्द हो जाएंगे जो परमाणु ऊर्जा से संबंधित हैं." मैककॉरमैक के अनुसार यह भी प्रावधान है कि अमरीका भारत से इस्तेमाल किया हुआ सारा परमाणु ईंधन भी वापस ले सकता है. मैककॉरमैक के इस बयान से ठीक एक दिन पहले भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद मे बयान देते हुए कहा था कि इस समझौते का असर भारत के सैन्य कार्यक्रम और किसी भी परमाणु परीक्षण पर नहीं पड़ेगा. प्रधानमंत्री ने कहा था, "इस बात का सवाल ही नहीं पैदा होता कि हमारी स्वतंत्र विदेश नीति से किसी तरह का कोई समझौता किया जाए. हम अपनी सामरिक संप्रभुता बनाए रखेंगे." दोनों देशों ने दो हफ्ते पहले 123 समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें परमाणु समझौते पर मतदान की माँग05 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस वामदल परमाणु संधि के विरोध में07 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित09 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'समर्थन वापस लेना चाहते हैं, तो ले लें'11 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'गठबंधन चलाना कांग्रेस की ज़िम्मेदारी'13 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'सामरिक संप्रभुता पर कोई असर नहीं'13 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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