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संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को श्रद्धांजलि देने के साथ ही संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई. 23 दिनों के मानसून सत्र का शुक्रवार को पहला दिन था. सत्र के दौरान कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार कई मुद्दे पर घिरती दिखाई पड़ सकती है. सबसे अहम मुद्दा अमरीका के साथ परमाणु समझौते का दिखता है जिस पर मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी मतदान की माँग कर रही है. जबकि वामपंथी दल इस पर पहले ही नाराज़गी जता चुके हैं. इसके अलावा गोवा में जिस तरह कांग्रेस की सरकार बची है उस मुद्दे को भी भाजपा संसद में उठाने की तैयारी कर रही तो कई दल यह सवाल उठाने वाले हैं कि 1993 में मुंबई में हुए सांप्रदायिक दंगों पर श्रीकृष्णा आयोग की रिपोर्ट पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? संयोगवश मानसून सत्र के पहले दिन उपराष्ट्रपति के चुनाव का दिन है और समीकरणों से साफ़ है कि यूपीए-वामदल समर्थित उम्मीदवार मोहम्मद हामिद अंसारी उपराष्ट्रपति बन जाएँगे. परमाणु समझौता हालांकि अमरीका के साथ परमाणु समझौते पर सहमति बनाने का महती कार्य मनमोहन सिंह सरकार ने पूरा कर लिया है लेकिन अब मसला घरेलू राजनीतिक समीकरणों को ठीक करने का है. सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामपंथी दलों ने साफ़ कर दिया है कि वे 123 परमाणु समझौते से ख़ुश नहीं हैं. उधर प्रमुख विपक्षी दल की ओर से इस समझौते पर संयुक्त संसदीय समिति के गठन की बात कही जा रही है तो भाजपा इस पर मतविभाजन की माँग कर रही है. गुरुवार को एक दिलचस्प मोड़ यह आया है कि नव गठिन तीसरे मोर्चे (यूएनपीए) ने भी परमाणु समझौते पर मतदान की माँग की है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार यूएनपीए के प्रमुख चंद्राबाबू नायडू ने कहा है, "परमाणु समझौते पर चर्चा के बाद मतदान इसलिए भी ज़रुरी है क्योंकि इसी से पता चलेगा कि कौन किस और खड़ा है." यूएनपीए के एक अन्य नेता ओमप्रकाश चौटाला ने कहा है कि मतदान से वामपंथियों की कलई खुल जाएगी. सीपीएम के महासचिव प्रकाश करात कह चुके हैं कि इस समझौते को लेकर यूपीए सरकार को राजनीतिक कीमत चुकानी होगी. हालांकि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह मतदान के लिए भाजपा के किसी प्रस्ताव पर साथ नहीं देंगे. संभावना जताई जा रही है कि सोमवार, 13 अगस्त को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह परमाणु समझौते पर एक बयान देंगे. दूसरे मुद्दे संभावना है कि सत्र शुरु होते ही भाजपा गोवा का मामला उठाए और वहाँ दिगंबर कामत की सरकार को बचाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करे.
भाजपा का आरोप है कि गोवा की कांग्रेस सरकार को अनैतिक और पक्षपात पूर्ण निर्णय लेकर बचाया गया है जबकि उसके पास बहुमत नहीं था. वहीं सरकार पर मुंबई दंगों की जाँच के लिए गठित श्रीकृष्णा आयोग की रिपोर्ट पर कार्रवाई का दबाव बन सकता है. उल्लेखनीय है कि मुंबई की विशेष टाडा अदालत ने मुंबई बम कांड के दोषियों को सज़ा सुना दी है और इसके बाद से ही श्रीकृष्ण आयोग पर कार्रवाई का सवाल उठ रहा है. हालांकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने इस पर कार्रवाई के अधिकार मुंबई पुलिस को दे दिए हैं. इसके अलावा बाढ़, महंगाई, विशेष आर्थिक ज़ोन जैसे मुद्दे तो आएँगे ही. बैठक सत्र की शुरुआत के एक दिन पहले यानी गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी. इस बैठक का उद्देश्य सत्र में सदन की कार्रवाई सुचारु रुप से चलाने के लिए सुझाव माँगना था. इस बैठक के बाद रात्रिभोज का आयोजन किया गया था. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस बैठक में तो नहीं थे लेकिन वे रात्रिभोज में शामिल हुए. वैसे इस सत्र में 25 नए विधेयक पेश किए जाने हैं और पिछसे सत्र में पेश किए जा चुके इतने ही विधेयकों पर चर्चा के बाद उसे पारित किया जाना है. | इससे जुड़ी ख़बरें वामदल परमाणु संधि के विरोध में07 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर मतदान की माँग05 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस संधि परमाणु संप्रभुता पर हमला- भाजपा04 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु सहमति का मसौदा सार्वजनिक03 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते के मसौदे को हरी झंडी27 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर 'ठोस प्रगति'20 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस गोवा सरकार ने बहुमत सिद्ध किया30 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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