|
तुर्की की संसद में कुर्दों को मिली जगह | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तुर्की की संसद में वर्ष 1991 के बाद पहली बार कुर्द सांसदों को जगह मिली है. नई संसद में 20 कुर्द नेता चुन कर आए हैं. नए कुर्द सांसदों ने तुर्की-कुर्द विवाद के शांतिपूर्ण समाधान पर बल दिया है. वर्ष 1983 में दोनों पक्षों के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से लेकर अब तक 30 हज़ार लोग मारे जा चुके. पिछले चुनाव में चुन कर आए कुर्द सांसदों ने अपनी भाषा में शपथ लेनी चाही जिसके चलते उन्हें सलाखों के पीछे जाना पड़ा. नई संसद के लिए पिछले महीने हुए चुनाव में जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी (एकेपी) की स्थिति मज़बूत हुई है. नई सरकार की पहली प्राथमिकता नए राष्ट्रपति की नियुक्त करना है. इस पद के लिए पहले एकेपी ने विदेश मंत्री अब्दुल्ला गुल का नाम सुझाया था लेकिन उन पर सहमति नहीं हो सकी. कुर्दों की डेमोक्रेटिक सोसाइटी पार्टी (डीटीपी) सदन के भीतर शांति कायम रखने का वादा कर रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें तुर्की चुनाव में सत्ताधारी पार्टी विजयी22 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना तुर्की: प्रधानमंत्री ने फ़ैसले की निंदा की02 मई, 2007 | पहला पन्ना राष्ट्रपति चुनाव विवाद में सेना भी कूदी28 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना आर्मीनियाई लेखक-पत्रकार की हत्या19 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना पोप तुर्की में, कड़े सुरक्षा इंतज़ाम28 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||