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मिलकर काम करेंगे बुश और ब्राउन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने दोनों देशों के बीच परस्पर सहयोग के साथ आगे बढ़ने पर ज़ोर दिया है. अमरीकी राष्ट्रपति की आरामगाह कैंप डेविड में गॉर्डन ब्राउन ब्रितानी प्रधानमंत्री के रूप में पहली बार जॉर्ज बुश से मिले हैं. दोनों नेताओं की बातचीत इराक़, अफ़ग़ानिस्तान, दारफ़ुर और विश्व व्यापार पर केंद्रित रहीं. गॉर्डन ब्राउन ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की और इसे मानवता के ख़िलाफ़ अपराध क़रार दिया जबकि जॉर्ज बुश ने कहा कि ब्रिटेन इराक़ में गठबंधन की जीत के महत्व को अच्छी तरह समझता है. बुश ने कहा, "इराक़ में नाकामी अमरीका के लिए बहुत बुरी होगी और इस बात को प्रधानमंत्री ब्राउन अच्छी तरह समझते हैं." ब्रिटेन ने 2003 में इराक़ पर हमले का पुरज़ोर समर्थन किया था लेकिन अब माना जा रहा है कि गॉर्डन ब्राउन इराक़ में अपने सैनिकों की संख्या में कटौती करना चाहते हैं. गॉर्डन ब्राउन ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के मुद्दे पर उनके विचार अमरीकी राष्ट्रपति से बहुत भिन्न नहीं हैं. उन्होंने कहा, "हमें पता है कि हमारा संघर्ष साझा है, हमें पता है कि हमें मिल-जुलकर ही काम करना होगा, हमें पता है कि हमें इससे निबटना ही होगा." ब्राउन ने कहा, "आज 2007 की चुनौतियाँ अब से दस वर्ष पहले की तुलना में बहुत अलग हैं." ब्राउन ने जलवायु परिवर्तन, अफ्रीका की बुरी दशा और मध्य पूर्व में शांति स्थापना को सबसे बड़ी चुनौतियों में गिनाया. दोनों नेताओं ने अमरीका-ब्रिटेन संबंधों को सबसे अहम द्विपक्षीय रिश्ता बताया. राष्ट्रपति बुश ने कहा कि उन्हें ब्राउन काफ़ी हँसमुख और मिलनसार लगे जबकि मीडिया एक तबक़े ने उनकी एक रूखे स्कॉटिश आदमी की छवि बनाई है जो ग़लत है. |
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