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हमले की ख़बरें पहले पन्नों पर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ग्लासगो हवाई अड्डे पर हमले की कोशिश को लगभग सभी अख़बारों के पहले पन्ने पर बहुत ही प्रमुखता से जगह दी गई है और इनमें सबसे ज़बर्दस्त शीर्षक न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड अख़बार का जिसने एक शब्द लिखा है 'कॉट' यानी 'पकड़े गए'. संडे टेलिग्राफ़ का शीर्षक है, 'आतंक का दूसरा दिन, बम हमलावरों ने हवाई अड्डे को निशाना बनाया'. अख़बार ने ग्लासगो की घटना की जाँच का ज़िक्र करते हुए लिखा है कि लंदन में हमले की कोशिश के पीछे किसी ख़ुफ़िया संगठन के होने की आशंका है. द इंडिपेंडेंट ऑन संडे का शीर्षक है, 'टर्मिनल एक पर आतंक' और एक बड़ी सी तस्वीर छपी है- हवाई अड्डे की जहाँ विस्फोट की वजह से जल रही जीप इमारत के गेट पर फँसी दिख रही है. न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड ने एक शब्द में शीर्षक दिया है, 'कॉट' यानी पकड़े गए और तस्वीर छापी है उस व्यक्ति की जो पुलिस की हिरासत में है और जिसे दो आत्मघाती हमलावरों में से एक माना जा रहा है. मेल ऑन संडे ने शीर्षक लगाया है 'आत्मघाती हमलावर' और लिखा है कि ये हमलावर स्कॉटलैंड में स्कूलों में छुट्टी के पहले दिन लोगों को निशाना बना रहे थे. वहीं ऑब्ज़र्वर का कहना है कि ये हमले की नाकाम कोशिश अल-क़ायदा की ओर से हुई है.
संडे टाइम्स ने भी हवाई अड्डे की तस्वीर छापने के साथ शीर्षक लगाया है, 'आतंकवादियों का ग्लासगो हवाई अड्डे पर कार बम से हमला'. ब्रितानी अख़बारों पर नज़र डालने वाले मीडिया विश्लेषक कह रहे हैं कि नेताओं को तो अख़बारों में महत्त्व दिया जा रहा है मगर इन विफल कोशिशों का श्रेय दरअसल आम लोगों को है, जिन्होंने दोनों मौक़ों पर काफ़ी साहस दिखाया और उन लोगों की चर्चा अख़बारों में नहीं हो रही है. ग्लासगो हमले में जो व्यक्ति पुलिस की हिरासत में है उसे दरअसल आम लोगों ने घेरकर पकड़ा. इसके अलावा इंडिपेंडेंट में एक लेख है जो कहता है कि ब्लेयर की विरासत अब प्रधानमंत्री ब्राउन तक पहुँच गई है साथ ही ये भी कहा है कि ब्रितानी जिहाद, मुसलमान आप्रवासियों या इमिग्रेंट्स की दूसरी पीढ़ी की सामाजिक और मनोवैज्ञानिक पहचान के संकट के अतिवादी रूप से जोड़ा जा सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें ब्रिटेन में चरमपंथी हमले के ख़तरे का स्तर 'गंभीर'30 जून, 2007 | पहला पन्ना बहुत बड़ा ख़तरा टलाः लंदन पुलिस29 जून, 2007 | पहला पन्ना लंदन में एक और बम बरामद29 जून, 2007 | पहला पन्ना लंदन में बम धमाकों के एक साल बाद06 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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