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सब्ज़ियों के सहारे बिकनी का विज्ञापन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पिछले कुछ दिनों से बिकनी तुर्की की धर्मनिरपेक्षता का प्रतीक बन गई है. इसके विज्ञापनों पर रोक लगने का दावा करते हुए कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि सत्ताधारी एके पार्टी देश को धार्मिक राज्य बनने की राह पर ढकेल रही है. जबकि एके पार्टी का कहना है कि इस तरह का कोई प्रतिबंध है ही नहीं. यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब तुर्की में राष्ट्रपति चुनाव को ख़ारिज किया जा चुका है और राष्ट्रपति पद के लिए ऐके पार्टी के उम्मीदवार अब्दुल्ला गुल को देश की धर्मनिरपेक्षता के लिए ख़तरा बताया जा चुका है. हालांकि सरकार लगातार कहती रही है कि इस तरह की आशंका निराधार है, इसके बावजूद हर हफ़्ते के अंत में सरकार विरोधी रैली हो रही है. बिकनी के विज्ञापनों को उत्तेजक बताकर कथित रूप से रोके जाने का विरोध करने के लिए तैराकी की पोशाक बनाने वाली एक कंपनी ने अनोखा तरीका निकाला है. कंपनी ने इस्तांबुल की नगरपालिका से सब्ज़ी पर अपने ब्रांड के लोगो लगाकर शहर के बिलबोर्ड्स पर लगाने की इजाज़त माँगी है. सरकार का इनकार यह मामला तब बढ़ा जब तैराकी की पोशाक बनाने वाली एक फर्म ने दावा किया कि नगरपालिका ने उसे अपनी दुकान के आगे से बिकनी पहनी मॉडलों वाला विज्ञापन का बोर्ड हटाने को कहा. इस पर रोक की वजह उस नियम को बताया जा रहा है जिसके अनुसार विज्ञापन सामाजिक मर्यादा के दायरे में होना चाहिए. इसलिए नगरपालिका बाहर लगने वाले सारे विज्ञापनों को पहले परखेगी और फिर मंज़ूरी देगी लेकिन नगरपालिका के अधिकारी इस क़ानून का पालन करवाने को लेकर अब सतर्क हो गए हैं. विज्ञापन फ़र्मों का कहना है कि एके पार्टी की सरकार के अधिकारी पिछले कुछ वर्षों से अंडरवियर और बिकनी के विज्ञापनों के लिए जगह नहीं दे रहे हैं, इसलिए हमने पूछना ही छोड़ दिया है. सरकार के आलोचकों का कहना है, ''एके पार्टी दबे पाँव देश का इस्लामीकरण कर रही है. इस पहल से तुर्की में रूढ़ीवादी रुझान बढ़ेगा.'' इससे तंग आकर एक कंपनी ने विरोधस्वरूप अब मॉडल के बजाय ककड़ी और बैंगन की तस्वीर के ज़रिए ही तैराकी की पोशाकों के विज्ञापन की इजाज़त माँगी है. यह कंपनी एक धर्मनिरपेक्ष राज्य में ऐसे क़ानून के औचित्य पर भी सवाल उठा रही है. दूसरी तरफ इस्तांबुल के मेयर कहते हैं कि तैराकी की पोशाक के विज्ञापनों पर कोई प्रतिबंध नहीं है. नियम तो सिर्फ़ सौंदर्यबोध से संबंधित है. वह कहते हैं कि 'बिकनी युद्ध' को जुलाई में होने वाले चुनाव से पहले उनकी पार्टी को बदनाम करने के लिए प्रचारित किया जा रहा है. |
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